दुर्ग 26 मार्च (आरएनएस) रात के अंधेरे में एटीएम उखाड़कर लाखों की चोरी की साजिश रचने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का दुर्ग पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम देने वाले शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी वारदात टाल दी गई।दुर्ग जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र में 13 नवंबर 2025 की रात ननकट्ठी बस स्टैंड के पास स्थित एटीएम को निशाना बनाकर उसे उखाड़ने की कोशिश की गई थी। अज्ञात आरोपियों ने रस्सी और वाहन की मदद से एटीएम मशीन को खींचकर उखाड़ने का प्रयास किया, लेकिन आसपास के लोगों के जागने पर वे मौके से फरार हो गए थे।घटना के बाद प्रार्थी विनय कुमार की शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 292/2025 के तहत धारा 331(3), 305(ए), 62, 324(4), 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान सामने आया कि यह काम किसी सामान्य अपराधी का नहीं, बल्कि एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का है।तकनीकी साक्ष्यों और अन्य राज्यों की पुलिस से समन्वय के आधार पर आरोपियों की पहचान आरीफ उर्फ बाठू (35 वर्ष, मेरठ) और अहसान उर्फ एहसास (35 वर्ष, शामली) के रूप में हुई। दोनों को मध्यप्रदेश के कटनी जिले के एक मामले में गिरफ्तार किए जाने के बाद प्रोडक्शन वारंट पर दुर्ग लाकर पूछताछ की गई, जहां उन्होंने इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया।पूछताछ में गिरोह की कार्यप्रणाली ने पुलिस को चौंका दिया। आरोपी वारदात से पहले क्षेत्र की गहन रेकी करते थे और सुनसान, हाईवे किनारे स्थित एटीएम को निशाना बनाते थे। चोरी के लिए वे पहले वाहन चुराते या अस्थायी रूप से हासिल करते, फिर नंबर प्लेट बदलकर इस्तेमाल करते थे।घटना में प्रयुक्त मेटाडोर वाहन (CG 07 AV 1310) को ग्राम गनियारी से चोरी किया गया था। रस्सी और अन्य उपकरणों से एटीएम को बांधकर वाहन से खींचा जाता था। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने उक्त वाहन और वारदात में इस्तेमाल उपकरण जब्त किए हैं।गिरोह अपनी पहचान छुपाने के लिए मोबाइल फोन बंद रखता था और इंटरनेट कॉलिंग का उपयोग करता था। एटीएम के सीसीटीवी कैमरों को निष्क्रिय करने के लिए पेंट या ग्रीस का इस्तेमाल किया जाता था, ताकि फुटेज रिकॉर्ड न हो सके। आरोपी होटल या ढाबों में रुकने से भी बचते थे और टोल प्लाजा से दूर वैकल्पिक रास्तों से गुजरते थे।पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों का अलग-अलग राज्यों में पहले से आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज है, जिसमें चोरी और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े मामले शामिल हैं।दुर्ग पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय समन्वय का परिणाम है, जिससे एक बड़े संगठित अपराध गिरोह को पकड़ने में सफलता मिली है।
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