सारंगढ़ बिलाईगढ़ 28 मार्च (आरएनएस)अचानक हजारों मुर्गियों की मौत ने सिस्टम को हिला दिया है—बिलासपुर के सरकंडा में बर्ड फ्लू फैलने के बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए बॉर्डर पर नाकाबंदी कर दी है, संदिग्ध मुर्गा-मुर्गियों के ट्रांसपोर्ट पर रोक लगा दी गई है और लोगों को चिकन खाने से परहेज की सख्त सलाह दी गई है। 28 मार्च 2026 को उप संचालक पशुधन डॉ. महेंद्र पाण्डेय ने स्थिति को गंभीर मानते हुए तत्काल एक्शन लिया, बिलासपुर में करीब 5 हजार मुर्गियों की मौत के बाद जिले के टिमरलगा, कनकबीरा, डोंगरीपाली और सलिहा जैसे सीमावर्ती इलाकों में पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों की तैनाती कर दी गई, हर आने-जाने वाले पोल्ट्री वाहन पर निगरानी शुरू हो गई, संदिग्ध पाए जाने पर तुरंत नजदीकी थाने को सूचना देने के निर्देश दिए गए। यह साफ किया गया कि बर्ड फ्लू इंसानों तक भी फैल सकता है, खासकर संक्रमित पक्षियों या उनके संपर्क में आने से खतरा बढ़ता है, इसलिए वन पक्षियों या ब्रायलर में अचानक मौत की स्थिति में तुरंत प्रशासन को सूचना देना जरूरी है, इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर डॉ. पाण्डेय ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि मरे हुए जानवर या बीमार पक्षियों का सेवन बिल्कुल न करें, पोल्ट्री फार्म के आसपास रहने से बचें क्योंकि संक्रमित हवा भी बीमारी फैला सकती है, वहीं पोल्ट्री फार्म के सभी कर्मचारियों के लिए मास्क पहनना अनिवार्य किया गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि फिलहाल चिकन खाने से दूरी बनाएं, हालांकि यदि मांस को 60 डिग्री तापमान पर अच्छी तरह उबालकर खाया जाए तो संक्रमण का खतरा कम हो सकता है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। बर्ड फ्लू को लाइलाज बीमारी बताते हुए यह भी कहा गया कि यह वायरस अलग-अलग जीवों और इंसानों में रूप बदलता रहता है, जिससे खतरा और जटिल हो जाता है। प्रशासन की सख्ती और चौकसी साफ संकेत दे रही है कि जरा सी लापरवाही पूरे जिले के लिए खतरा बन सकती है—अब जिम्मेदारी जनता की भी है कि सतर्क रहें, नियम मानें और इस खतरनाक संक्रमण की चेन को यहीं रोक दें।
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