लखनऊ ,01 अपै्रल ,(आरएनएस)। रबी सीजन 2026-27 में भी किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का लाभ मिलेगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को लोक भवन में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि चना, मसूर, सरसों की खरीद 7 अप्रैल से 30 जून तक की जाएगी। इस दौरान पारदर्शी डिजिटल व्यवस्था, डीबीटी भुगतान और विस्तृत क्रय नेटवर्क के माध्यम से किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, फसलों का उचित मूल्य दिलाने और कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। एमएसपी पर दलहन और तिलहन की खरीद की यह रणनीति किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध होगी और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में उर्वरक की कोई कमी नहीं है और 75 जनपदों में उर्वरकों की सप्लाई सुचारु रूप से हो रही है। कृषि मंत्री ने बताया कि मूल्य समर्थन योजना किसानों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में कार्य करती है। चने का एमएसपी 5875 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर का 7000 रुपये प्रति क्विंटल, सरसों का 6200 रुपये प्रति क्विंटल और अरहर का 8000 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य मिल सके।
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए राज्य सरकार ने फसलों की खरीद के स्पष्ट लक्ष्य तय किए हैं। उन्होंने कहा कि चने के लिए 2.24 लाख मीट्रिक टन, मसूर के लिए 6.77 लाख मीट्रिक टन, सरसों के लिए 5.30 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष एमएसपी दरों में वृद्धि कर किसानों को अतिरिक्त लाभ देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि चने पर 225 रुपये, मसूर पर 300 रुपये और सरसों पर 250 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है, जिससे किसानों की आय में सीधा इजाफा होगा।
सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास कर रही है और एमएसपी में यह वृद्धि उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कृषि मंत्री ने बताया कि खरीद प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए सभी क्रय केंद्रों पर आधार-सक्षम पीओएस मशीनें स्थापित की गई हैं। इससे वास्तविक किसानों की पहचान सुनिश्चित होगी और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना समाप्त होगी। किसानों को उपज का भुगतान सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके आधार-लिंक्ड बैंक खातों में भेजा जाएगा, जिससे भुगतान प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनेगी।
कृषि मंत्री ने बताया कि इस वर्ष खरीद व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए बड़ी संख्या में क्रय केंद्र स्थापित किए जाने का प्रस्ताव है। भारत सरकार की एजेंसियां नैफेड और एनसीसीएफ को राज्य की 5 एजेंसियां यूपीपीसीयू, यूपीपीसीएफ, जैफेड और यूपीएसएस किसानों से उपज को क्रय करके सप्लाई करेंगी, जिसका लाभ किसानों को सीधे खाते में वितरित किया जाएगा। इन एजेंसियों के समन्वय से खरीद प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और व्यापक बनाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें।
सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि प्रदेश में कृषि क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2025-26 में कृषि विभाग द्वारा लगभग 5700 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि विभिन्न योजनाओं पर व्यय की गई, जो रिकॉर्ड उपलब्धि है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में सुधारात्मक प्रावधान लागू करने से राज्य को 303 करोड़ रुपये की बचत हुई है।
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