नईदिल्ली,01 अपै्रल (आरएनएस)। पश्चिम एशिया में तनाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार शाम को 7 बजे सुरक्षा कैबिनेट समिति (सीसीएस) की बैठक बुलाई है। इस बैठक में तनाव के दौरान पश्चिम एशिया में उभरती स्थिति, भारत की ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखलाओं और आर्थिक स्थिरता पर इसके संभावित प्रभावों की समीक्षा की जाएगी। बता दें कि यह बैठक 22 मार्च को हुई सीसीएस की पिछली समीक्षा बैठक के 10 दिन बाद हो रही है, जो संभवत: कम होती है।
सीसीएस राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक मामलों पर देश की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली समिति है, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। इस समिति में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस जयशंकर शामिल हैं। बैठक में आर्थिक और अवसंरचना से जुड़े महत्वपूर्ण विभागों को संभालने वाले कई वरिष्ठ मंत्रियों के भी शामिल होने की उम्मीद है। पिछली बैठक में कृषि, वाणिज्य, रेलवे, जहाजरानी, पेट्रोलियम, बिजली, खाद्य और नागरिक उड्डयन मंत्री शामिल थे।
इससे पहले हुई सीसीएस की बैठक में सरकार ने भोजन, उर्वरक, ईंधन और बिजली की उपलब्धता की समीक्षा की थी। प्रधानमंत्री मोदी ने निर्देश दिया था कि मंत्रियों और सचिवों का एक समूह पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभावों से निपटने के लिए समन्वित, समग्र सरकारी दृष्टिकोण के साथ काम करे। तब बैठक में आगामी खरीफ सीजन के लिए उर्वरकों की उपलब्धता का आकलन भी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी अपनी जनसभाओं में भी वैश्विक चुनौतियों का जिक्र कर चुके हैं।
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