हुमायूं-ओवैसी ने किया संयुक्त घोषणा पत्र जारी
नकुल कुमार मंडल
मुर्शिदाबाद/कोलकाता 1 अप्रैल (आरएनएस)। 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख हुमायूं कबीर और एआईएमआईएम सुप्रीमो असदुद्दीन ओवैसी ने संयुक्त रूप से अपना चुनावी घोषणापत्र जारी किया, जिसका शीर्षक है जनता का विकास, सभी के अधिकार। वहीं असदुद्दीन ओवैसी ने आज आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों ने मुसलमानों का केवल वोट के लिए इस्तेमाल किया, लेकिन उनके विकास के लिए ठोस काम नहीं किया।ओवैसी ने मुर्शिदाबाद जिले के नोवादा में हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाले आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) उम्मीदवारों के समर्थन में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए यह दावा किया। उन्होंने कहा कि पिछले 50 वर्षों में मुस्लिम समुदाय ने कांग्रेस, वाम मोर्चा और तृणमूल कांग्रेस को वोट दिया, लेकिन उनकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। ओवैसी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मुसलमानों को राजनीतिक निर्णय प्रक्रिया में अधिक प्रतिनिधित्व दिलाने और उनके वास्तविक विकास के लिए हमने कबीर के साथ हाथ मिलाया है। हम मिलकर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी को झटका देंगे। उपरोक्त दोनों नोताओं ने यह घोषणापत्र मुर्शिदाबाद के नौदा स्थित दुबापाड़ा मैदान में आयोजित एक विशाल जनसभा में जारी किया गया। घोषणापत्र में राज्य के लिए एक व्यापक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया गया है, साथ ही क्षेत्रीय संपर्क को बढ़ावा देने के लिए मुर्शिदाबाद जिले में एक समर्पित हवाई अड्डे के निर्माण का विशेष वादा किया गया है।तृणमूल के पूर्व नेता हुमायूं कबीर, जिन्होंने हाल ही में अलग होकर एजेयूपी का गठन किया है, ने स्थापित राजनीतिक व्यवस्था को चुनौती देने के लिए ओवैसी की एआईएमआईएम के साथ रणनीतिक गठबंधन किया है। इस गठबंधन ने पश्चिम बंगाल की 197 सीटों पर उम्मीदवार उतारकर अपनी व्यापकता का प्रदर्शन किया है। उनका चुनावी एजेंडा रोजगार सृजन, कृषि सुधार, नागरिक अधिकारों की रक्षा और कानून व्यवस्था जैसे व्यापक आर्थिक लक्ष्यों के साथ-साथ अल्पसंख्यक और सांस्कृतिक विकास पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करता है। जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने मौजूदा सरकार के तहत बंगाल में भाजपा के बढ़ते प्रभाव पर सवाल उठाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि गठबंधन मुस्लिम अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ रहा है, लेकिन उसका संघर्ष किसी भी हिंदू नागरिक के खिलाफ नहीं है। ओवैसी ने दृढ़ निश्चय के साथ घोषणा की कि गठबंधन न तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सामने झुकेगा और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से डरेगा।
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