मीरजापुर 2 अप्रैल (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के अंतर्गत जी आई अनुश्रवण एवं क्लस्टर सुविधा इकाई मीरजापुर की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बैठक में संजय कुमार ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक ने उत्तर प्रदेश कृषि निर्यात नीति के विषय में विस्तार से जानकारी दी। ज्येष्ठ कृषि विपणन निरीक्षक ने कृषि निर्यात नीति के निर्यात आधारित अनुदान अंतर्गत क्लस्टर बनाकर किसान एफपीओ 10 से 30 लाख का अनुदान एवं प्रसंस्करण यूनिट लगाकर 25 लाख अनुदान नीति के अनुदान देय है। जिलाधिकारी ने निर्यात क्लस्टर के अनुदान हेतु मानक के अनुसार उत्पादन करने हेतु किसानों को जागरूक करने व ज्यादा से ज्यादा क्लस्टर बनाने हेतु सम्बन्धित विभागों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि नीति के अंतर्गत पोस्ट हार्वेस्ट डिग्री व डिप्लोमा हेतु देय 50 लाख अनुदान हेतु मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय को अनुदान हेतु कार्यवाही हेतु निर्देशित किया। उन्होंने जनपद में जी आई उत्पादों यथा आदम चीनी चावल, रामनगर भाटा, लंगड़ा आम व बनारस पान पत्ता व बनारस ठंडई के अधिकृत उपयोग कर्ता अधिक से अधिक जनपद में बनाये जाने हेतु कृषि विभाग, उद्यान विभाग व खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देशित किया कि एवं व्यापक प्रचार प्रसार कराने हेतु निर्देशित किया। तत्पश्चात जिलाधिकारी स्तरीय सलाकार एवं समीक्षा समिति की बैठक कर समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि जनपद में 22 बैंकों की कुल 206 शाखाओं में से 137 ग्रामीण क्षेत्र, 22 अद्र्धशहरी क्षेत्र एवं 47 शहरी क्षेत्र में है। वाणिज्यिक बैंकों की 131 शाखाएं, ग्रामीण बैंक की 56 शाखाएं, जिला सहकारी बैंक की 16 एवं यूपीएसजीवी की 03 शाखाएं है। दिसम्बर, 2025 तक कुल जमा रू 14301.07 करोड़, कुल ऋण रू 6743.55 करोड़ एवं समस्त बैंकों का औसत ऋण जमा अनुपात 47.15 प्रतिशत है। व्यावसायिक बैंकों का औसत ऋण जमा अनुपात 37.82 प्रतिशत है। जनपद के ज्यादातर बैंकों जैसे कैनरा बैंक, सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, इण्डियन ओवरसीज बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, पंजाब एण्ड सिंध बैंक, यूनियन बैंक आफ इण्डिया, जिला सहकारी बैंक, आर्यावर्त बैंक, कोटेक महिन्द्रा, एवं भारतीय स्टेट बैंक का ऋण जमाअनुपात राज्य औसत 60 प्रतिशत से कम है। जिस पर जिलाधिकारी ने ऋण जमा अनुपात बढ़ाने हेतु निर्देशित किया। प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्रान्तर्गत जनपद का कुल ऋण 65.35 प्रतिशत है। कृषि ऋण 29.62 प्रतिशत है तथा एमएसई, वीकर सेक्सन ऋणों का प्रतिशत क्रमश: 30.25 तथा 23.49 प्रतिशत है। जनपद का कुल एनपीए 7.74 प्रतिशत है। बैठक में किसान के्रडिट कार्ड, पशु पालन एवं मत्स्य पालन, जिला केन्द्र द्वारा संचालित योजनाएं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजिविका मिशन, सूक्ष्य लघु एवं मध्यम उद्यम की बिन्दुवार विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिया। बैठक में नगर मजिस्ट्रेट अविनाश सिंह, उप कृषि निदेशक विकेश पटेल, प्रबधंक लीड बैंक, बैंको के प्रतिनिधि सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
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