बिलासपुर 3 अप्रैल (आरएनएस) मस्तुरी थाना क्षेत्र में धान खरीदी केंद्र में हुए बड़े घोटाले का पर्दाफाश हुआ है जहां सरकारी धान खरीदी में हेरफेर कर लाखों रुपये का गबन किया गया, मामला सेवा सहकारी समिति मर्यादित गतौरा के धान खरीदी केंद्र से जुड़ा है जहां खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान नियमों की खुली धज्जियां उड़ाई गईं, शिकायत मिलने पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मस्तुरी द्वारा जांच कराई गई तो भौतिक सत्यापन में 919.96 क्विंटल धान कम पाया गया जिससे 28 लाख 51 हजार रुपये की शासकीय राशि का सीधा नुकसान सामने आया, जांच में खुलासा हुआ कि संस्था प्रबंधक कोमल प्रसाद चंद्रकार, प्राधिकृत अध्यक्ष राजेंद्र राठौर, धान खरीदी प्रभारी लव कुमार यादव और कंप्यूटर ऑपरेटर हुलेश्वर धीरही ने मिलकर सुनियोजित तरीके से धान में हेरफेर कर गबन किया, इस पर थाना मस्तुरी में अपराध क्रमांक 213/2025 धारा 316(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों के ठिकानों पर दबिश दी और मुख्य आरोपी कोमल प्रसाद चंद्रकार पिता फागुराम उम्र 46 वर्ष निवासी कर्रा थाना मस्तुरी, राजेंद्र राठौर पिता स्व. मल्लूराम राठौर उम्र 64 वर्ष निवासी बजरंग चौक गतौरा थाना मस्तुरी और हुलेश्वर धीरही पिता गंगाप्रसाद धीरही उम्र 38 वर्ष निवासी सुकुलकारी थाना पचपेड़ी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया जिसके बाद उन्हें 3 अप्रैल 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, पुलिस अब मामले में शामिल अन्य आरोपी लव कुमार यादव की भूमिका की भी जांच कर रही है और पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी है, इस कार्रवाई से धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं और प्रशासनिक तंत्र की निगरानी पर भी चर्चा तेज हो गई है, सरकारी व्यवस्था में सेंध लगाकर किया गया यह गबन बताता है कि सिस्टम की निगरानी जितनी जरूरी है, उतनी ही सख्त कार्रवाई भी—क्योंकि जनता के हक पर डाका डालने वालों के लिए अब बच निकलना आसान नहीं।
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