नईदिल्ली ,03 अपै्रल (आरएनएस)। केंद्र सरकार ने पिछले महीने हवाई यात्रा करने वालों को बड़ी राहत देते हुए विमानों में अपनी पसंद की सीट चयन पर लगने वाले अतिरिक्त शुल्क को हटा दिया था, लेकिन अब उसने यह फैसला वापस ले लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने नागरिक उड्डयन महानिदेशक को लिखे 2 अप्रैल के पत्र में कहा कि व्यापक जांच होने तक इस प्रावधान को अगले आदेश तक स्थगित रखा जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि उसने यह फैसला फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस (एफआईए) और अकासा एयर की आपत्तियों के बाद लिया है। उन्होंने किराया संरचना पर नियम के प्रभाव और अनियंत्रित किराया व्यवस्था के साथ इसकी असंगति पर सवाल उठाए थे। एफआईए ने 19 मार्च को पत्र लिखकर चेतावनी दी कि एयरलाइंस किराए में वृद्धि करके अतिरिक्त आय की भरपाई कर लेंगी। एफआईए ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देकर आदेश को डीजीसीए अधिकार क्षेत्र से बाहर बताया।
मंत्रालय ने 17 मार्च को आदेश जारी कर सभी एयरलाइन संचालकों को कहा था कि किसी भी उड़ान में कम से कम 60 प्रतिशत सीटें निशुल्क चयन के लिए आवंटित की जाएं। इसके बाद पसंद की सीटों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। साथ ही, मंत्रालय ने एयरलाइंस को एक ही पीएनआर पर यात्रा करने वाले यात्रियों को एक साथ बैठाने का निर्देश दिया था। फैसले से परिवार के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिली थी।
मौजूदा समय में भारतीय एयरलाइंस वेब चेक-इन के दौरान सीट चयन के लिए अतिरिक्त शुल्क लेती हैं। आमतौर पर उड़ानों में केवल 5 से 15 प्रतिशत सीटें ही बिना अतिरिक्त शुल्क के उपलब्ध होती हैं। विमान के आगे की ओर और खिड़की वाली सीटें आमतौर पर अधिक महंगी होती हैं। परिवार के साथ यात्रा करने पर एक पीएनआर से बुकिंग होने के बाद भी सदस्यों अलग-अलग सीट पर बैठाया जाता है। फैसला वापस लेने से इनमें कोई परिवर्तन नहीं होगा।
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