यरूशलम/वाशिंगटन,06 अपै्रल। इजरायल और अमेरिका ने सोमवार को ईरान पर ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इन हमलों में 25 से ज्यादा लोग मारे गए है। ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागकर इसका जवाब दिया है। इन हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तेहरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने की समय सीमा भी नजदीक आ रही है। ट्रंप ने ईरान को सीधी धमकी दी है कि होर्मुज को खोल दो नहीं तो नरक बना देंगे। तेहरान के पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को जो समयसीमा दी है वह सोमवार रात को समाप्त हो रही है। ट्रंप ने साफ कहा है कि कहा कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए कोई समझौता नहीं हो पाता है, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों और अन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएगा, और उस देश को पाषाण युग में धकेल देगा। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के जरिए धमकी देते हुए कहा, मंगलवार का दिन ईरान के लिए ‘बिजली संयंत्र दिवस’ और ‘पुल दिवस’ होगा, ये दोनों ही एक ही दिन में पूरे हो जाएंगे।
जंग के बीच इस दौरान सबसे अहम यह है कि वॉशिंगटन, ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थ 45 दिन के संभावित सीजफायर पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे जंग का स्थायी अंत हो सकता है। मध्यस्थों ने एक नया संघर्ष विराम प्रस्ताव भी पेश किया है। रिपोर्ट शांति वार्ता की जानकारी रखने वाले अमेरिकी, इजरायली और क्षेत्रीय स्रोतों के हवाले से दी है।
इजारायल की ओर से किए गए हमलों में तेहरान में शरीफ यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के परिसर को निशाना बनाए जाने के बाद, शहर के आजादी चौक के पास से काले धुएं का घना बादल उठता दिखाई दिया। ईरानी सरकारी मीडिया और इजरायल के रक्षा मंत्री के अनुसार, तेहरान पर हुए हमलों में मारे गए लोगों में ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख, मेजर जनरल माजिद खादेमी भी शामिल थे।
ईरानी ने पलटवार करते हुए मिसाइलों ने उत्तरी इजरायली शहर हाइफा को निशाना बनाया, जहां एक रिहायशी इमारत के मलबे से 4 लोगों के शव बरामद किए गए है। कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब, इन सभी देशों ने ईरान से आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए अपनी हवाई सुरक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया है।
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जंग में अब तक 1,900 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं। ईरान की सरकार ने कई दिनों से मरने वालों की संख्या के आंकड़े अपडेट नहीं किए हैं। लेबनान में, जहां इजरायल ने जमीनी हमला किया है, 1,400 से अधिक लोग मारे गए हैं और 10 लाख से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं। यहां इजरायल के 11 सैनिक भी मारे गए हैं। खाड़ी के अरब देशों में 2 दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए हैं, जबकि इजरायल में 23 लोगों के मारे जाने की खबर है। जंग में अमेरिका के 13 सैनिक भी मारे गए हैं।
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