बिलासपुर 7 अप्रैल (आरएनएस) ट्रैफिक संभालने वाले जवानों की सेहत अब पुलिस की प्राथमिकता बन गई है, जहां विश्व स्वास्थ्य दिवस के मौके पर ऐसा बड़ा मेडिकल कैंप लगाया गया कि 24×7 ड्यूटी करने वाले 300 से ज्यादा पुलिसकर्मियों की एक ही दिन में पूरी बॉडी की जांच हो गई और कई अहम स्वास्थ्य संकेत सामने आए। 07 अप्रैल 2026 की सुबह चेतना भवन पुलिस लाइन में शुरू हुआ यह विशाल निशुल्क स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिविर सीधे मैदान में उतरे उन जवानों के लिए था जो धूल, धुआं, तेज धूप, बारिश और ठंड के बीच लगातार ट्रैफिक संभालते हैं और खुद की सेहत को अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं, इसी संवेदनशील जरूरत को समझते हुए रजनेश सिंह के निर्देशन और रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में यह अभियान चलाया गया जहां पुलिस विभाग ने अपनी ही फोर्स के लिए हेल्थ अलर्ट जारी कर दिया। सुबह 6 बजे से शुरू हुए इस कैंप में हृदय रोग, श्वास रोग, छाती, मधुमेह, रक्तचाप, हड्डी और चर्म रोग तक के विशेषज्ञ डॉक्टरों ने जवानों की बारीकी से जांच की, हर जवान को अलग-अलग परामर्श मिला, किसी को डाइट सुधारने की सलाह, किसी को व्यायाम बढ़ाने की जरूरत बताई गई तो किसी को मानसिक तनाव से बाहर निकलने के टिप्स दिए गए, डॉक्टरों ने साफ कहा कि लगातार ड्यूटी और अनियमित दिनचर्या शरीर को अंदर से कमजोर कर रही है और समय रहते सतर्क होना जरूरी है। इस दौरान एसएसपी रजनेश सिंह ने खुद जवानों को संबोधित करते हुए समय पर भोजन, पर्याप्त नींद और संतुलित आहार को ड्यूटी जितना ही जरूरी बताया और कहा कि फिट जवान ही सुरक्षित शहर की गारंटी हैं,

वहीं अपोलो हॉस्पिटल के यूनिट हेड डॉ अभय गुप्ता ने नमक और शक्कर कम करने और रोज सुबह व्यायाम को अनिवार्य बनाने पर जोर दिया, आईएमए से जुड़े विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम जिसमें डॉ प्रमोद जायसवाल, डॉ मोहन गुप्ता, डॉ प्रसन्ना सिंह समेत कई स्पेशलिस्ट शामिल रहे, सभी ने अपने-अपने क्षेत्र में जवानों की जांच कर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया और साफ संदेश दिया कि मानसिक तनाव को छुपाना नहीं बल्कि साझा करना ही असली मजबूती है। ट्रैफिक पुलिस की यह पहल सिर्फ एक मेडिकल कैंप नहीं बल्कि उन जवानों के लिए चेतावनी और सहारा दोनों है जो सड़कों पर दूसरों की सुरक्षा के लिए खड़े हैं, क्योंकि संदेश साफ है—अगर जवान स्वस्थ हैं तभी शहर सुरक्षित है।

