आजमगढ़ 07 अप्रैल (आर एन एस) उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार तथा माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ के दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय जनपद-आजमगढ़ में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, आजमगढ़ नितिका राजन द्वारा शिविर में उपस्थित लोगों को बताया गया कि प्रत्येक वर्ष 07 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्थापना दिवस के रूप में यह दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य आम जन को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ्य जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना। सचिव द्वारा पी0सी0पी0एन0डी0टी0 अधिनियम, 1994 के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इस अधिनियम के तहत भ्रूण लिंग परीक्षण पूर्णत: प्रतिबन्धित है। इसके तहत प्रथम अपराध पर 03 वर्ष तक कारावास व जुर्माने का प्रावधान है। इसके तहत सम्बन्धित चिकित्सक का पंजीकरण निलम्बित या निरस्त भी किया जा सकता है। शिविर को सम्बोधित करते हुए सचिव द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा डान स्कीम, 2025 (ड्रग अवेयरनेस एण्ड वेलनेस नेविगेशन) पूरे भारत वर्ष में चलायी जा रही है, जिसका उद्देश्य नशीली दवाओं के दुरूपयोग के खिलाफ जागरूकता बढ़ाना और पीडि़तों को नशा मुक्ति व कानूनी सहायता प्रदान करना हैं। इसके तहत नशा पीडि़तों का पुनर्वास करना उन्हें कानूनी मदद देना और नशीली दवाओं के खतरे के बारे में जागरूक करना है।
डॉ0 सतीश चन्द्र द्वारा बताया गया कि सर्विकल कैंसर मुख्यत: एचपीवी संक्रमण के कारण होता है। यह कैंसर प्रारम्भिक अवस्था में बिना लक्षण का भी विकसित हो सकता है, इसलिए 30 से 65 वर्ष के महिलाओं को नियमित रूप से एचपीवी की जाँच करानी चाहिए जिससे कि सर्विकल कैंसर के लक्षण का पता चल सके।
इस मौके पर मुख्य चिकित्साधिकारी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी तथा सदर अस्पताल में कार्यरत चिकित्सक, आशीष कुमार राय, चीफ लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, प्रवीण कुमार सिंह, डिप्टी चीफ, लीगल एड डिफेन्स काउन्सिल, अतुल कुमार राय, असिस्टेन्ट
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