भोपाल 10 अप्रैल (आरएनएस)।जिले के जनपद पंचायत फंदा एवं बैरसिया की ग्राम पंचायतों द्वारा स्वयं के राजस्व (ह्र2ठ्ठ स्शह्वह्म्ष्द्ग क्रद्ग1द्गठ्ठह्वद्ग) को सुदृढ़ करने की दिशा में उल्लेखनीय एवं मॉडल पहल की गई है। शासन की मंशा के अनुरूप ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने हेतु निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत भोपाल इला तिवारी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में पंचायत स्तरीय अमले के साथ नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाकर कर संग्रहण को बढ़ाने के लिए विशेष जोर दिया गया। पंचायत स्तर पर निवासरत परिवारों, संस्थाओं एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से देय करों की जानकारी एकत्रित कर नियमित रूप से कर संग्रहण सुनिश्चित कराया गया। इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025–26 में जिले की सभी ग्राम पंचायतों द्वारा राशि रू. 5.15 करोड़ का स्वयं का राजस्व संग्रहण किया गया है।
ग्राम पंचायतों द्वारा संकलित यह राजस्व पंचायतों के मूलभूत विकास कार्यों, निर्माण गतिविधियों एवं संचालन एवं अनुरक्षण (ह्रश्चद्गह्म्ड्डह्लद्बशठ्ठ & रूड्डद्बठ्ठह्लद्गठ्ठड्डठ्ठष्द्ग) पर व्यय किया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति मिल रही है। जिला पंचायत भोपाल की यह पहल स्थानीय स्तर पर वित्तीय स्वावलंबन एवं प्रभावी प्रशासन का एक प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभर रही है, जो प्रदेश की अन्य पंचायतों के लिए भी अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करती है।
भोपाल जिले की फंदा जनपद पंचायत ने जनपद सीईओ शिवानी मिश्रा के नेतृत्व में 4.5 करोड़ टैक्स कलेक्शन कर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। मध्यप्रदेश शासन की मंशानुरूप ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्म निर्भर बनाने की दिशा में अनुकरणीय मॉडल प्रस्तुत किया है। स्वयं के राजस्व को सुदृढ़ बनाने की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करते हुए जनपद पंचायत फंदा की 5 ग्राम पंचायतों में बगरोदा में लगभग 27.92 लाख, मुबारकपुर में 19.14 लाख, महाबडिय़ा में 18.99 लाख, छावनी पठार में 17.32 लाख एवं झागडिय़ा खुर्द में 16.52 लाख से अधिक का राजस्व प्राप्त करने वाली पंचायतों में शामिल है जबकि 96 गाम पंचायतों से कुल 4.5 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है।
राजस्व संग्रहण को सुदृढ़ करने की दिशा में यह उपलब्धि जिले को प्रदेश में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन की ओर अग्रसर करने वाला महत्वपूर्ण कदम है। इस उपलब्धि के पीछे ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, टैक्स सखी एवं ग्राम रोजगार सहायकों (त्रक्रस्) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिन्होंने निरंतर प्रयास करते हुए कर संग्रहण को जनअभियान का स्वरूप प्रदान किया।
जिला पंचायत द्वारा उत्कृष्ट कार्य करने वाली ग्राम पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा, वहीं कर संग्रहण में अपेक्षाकृत कम प्रगति वाली पंचायतों के लिए आवश्यक मार्गदर्शन एवं कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, जिससे सभी पंचायतें बेहतर प्रदर्शन कर सकें।

