लखनऊ,11 अपै्रल (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश शासन एवं पुलिस महानिदेशक के निर्देशों के क्रम में पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ द्वारा पैरोकारों के कार्य एवं कर्तव्यों के संबंध में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन शनिवार को रिजर्व पुलिस लाइन्स स्थित संगोष्ठी सदन में किया गया। कार्यक्रम पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देशन में आयोजित हुआ।यह प्रशिक्षण संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार तथा पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) अमित कुमावत के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला का संचालन सहायक पुलिस आयुक्त (महिला अपराध/ट्रेनिंग सेल) सौम्या पाण्डेय के पर्यवेक्षण में किया गया।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अंतर्गत प्रशिक्षण व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यशाला में विभिन्न थाना एवं इकाइयों से कुल 122 पुलिसकर्मियों ने प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण सत्र को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित करते हुए आधुनिक तकनीकी संसाधनों और उन्नत प्रशिक्षण पद्धतियों का प्रभावी उपयोग किया गया।प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षक प्रत्यूष दुबे, पीओ, कमिश्नरेट लखनऊ ने समस्त पैरोकारों को उनके कार्य एवं कर्तव्यों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने न्यायालय और थाना के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर विशेष जोर देते हुए व्यावहारिक एवं प्रभावी कार्यप्रणाली साझा की।कार्यशाला में पैरोकारों को न्यायालय-थाना समन्वय की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं से अवगत कराया गया। उन्हें निर्देश दिए गए कि न्यायालय के दिशा-निर्देशों को समयबद्ध रूप से थाने तक तथा थानों की रिपोर्ट को न्यायालय तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। इसके साथ ही सम्मन एवं वारंट की प्रक्रिया की नियमित जानकारी थानों को उपलब्ध कराने तथा लंबित एवं पुरानी कोर्ट फाइलों का समय-समय पर आकलन कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पैरोकारों को उनके दायित्वों के प्रति अधिक जागरूक और उत्तरदायी बनाना तथा न्यायालय एवं थाना के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना रहा।भविष्य की कार्ययोजना के तहत ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों का नियमित आयोजन करने, पैरोकारों की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा न्यायिक प्रक्रिया को समयबद्ध और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए निरंतर समीक्षा किए जाने का निर्णय लिया गया। साथ ही प्रत्येक इकाई में तकनीकी रूप से दक्ष कर्मियों का विकास और नई तकनीकों को कार्यप्रणाली में शामिल करने पर भी बल दिया गया।अधिकारियों के अनुसार यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी और प्रभावी सिद्ध हुआ तथा प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक कार्यों में लागू करने का संकल्प लिया। ऐसे कार्यक्रम पुलिस की कार्यक्षमता और जनसेवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
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