15 सूत्री मांगों के साथ गुरुजी मॉडल लागू करने के लिए सरकार से की जाएगी वार्ता
फर्जी आंदोलनकारियों के खिलाफ उच्च स्तरीय जांच की मांग
झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग
रांची 12 अप्रैल (आरएनएस)। झारखंड आंदोलनकारी समन्वय समिति की एक अहम बैठक रविवार को धुर्वा स्थित कांशी विश्वनाथ मंदिर परिसर की धर्मशाला में डॉ. अजय नाथ शाहदेव की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में राज्यभर के प्रमुख आंदोलनकारी नेताओं ने भाग लिया और संगठन को मजबूत करने, आंदोलन को धार देने तथा सरकार पर दबाव बनाने को लेकर कई महत्वपूर्ण और सख्त निर्णय लिए गए। बैठक में झारखंड अलग राज्य चिन्हित आंदोलनकारी कल्याण समिति के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश कुमार साहु, झारखंड आंदोलनकारी महासभा के केंद्रीय अध्यक्ष राजू महतो, प्रधान महासचिव मो. कय्यूम खान, महासचिव महावीर विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष किशोर किस्कू, श्रीमती प्रतिभा पांडेय, श्रीमती नीरू शांति भगत सहित कई वरिष्ठ आंदोलनकारी मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में आंदोलनकारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी उपेक्षा के खिलाफ आवाज बुलंद करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि अगले दो महीनों के भीतर राज्य के सभी पांच प्रमंडलों में बैठक आयोजित कर समन्वय समिति का विस्तार किया जाएगा, ताकि संगठन को जमीनी स्तर तक सशक्त बनाया जा सके। इसके साथ ही एक संयोजक मंडली का गठन कर मुख्यमंत्री एवं राज्य सरकार के सभी मंत्रियों को 15 सूत्री मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपने का भी निर्णय लिया गया। इस ज्ञापन में ‘गुरूजी मॉडलÓ को लागू करने, झारखंड आंदोलनकारी कल्याण बोर्ड का गठन करने की मांग प्रमुख रूप से शामिल होगी। समिति ने स्पष्ट किया कि जो भी जनप्रतिनिधि आंदोलनकारियों की आवाज को सड़क से सदन तक उठाएंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से जुड़े हों। वहीं, फर्जी तरीके से आंदोलनकारी चिन्हित कराए गए लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा गया कि ऐसे मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों का चिन्हितीकरण रद्द किया जाए और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आगामी अगस्त माह में ‘दिशोम गुरुÓ की पहली पुण्यतिथि पर मोरहाबादी मैदान में एक वृहद श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री सहित राज्य सरकार के मंत्रियों को आमंत्रित किया जाएगा। इस दौरान रमेश कुमार साहु ने कहा कि आंदोलनकारियों के अधिकारों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक पहल नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं राजू महतो ने भी सरकार को आगाह करते हुए कहा कि मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। बैठक को मो. कय्यूम खान, महावीर विश्वकर्मा, किशोर किस्कू, प्रतिभा पांडेय, नीरू शांति भगत, अमर किन्डो, प्रवीण कुमार झा, कुमुद चंद महतो, जय कुंवर महली, कमलेश सिंह, देवेन्द्र नाथ ठाकुर, सीता उरांव सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। इस अवसर पर इसरार अहमद, शिवचरण मंडल, विनीता खलखो, ऐरेन कच्छप, दोंदे प्रधान, मो. इकबाल आलम, झमन प्रसाद महतो आदि समेत विभिन्न प्रमंडलों से बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे। समग्र रूप से, इस बैठक ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि झारखंड के आंदोलनकारी अब अपने अधिकारों को लेकर निर्णायक संघर्ष के मूड में हैं और इसके लिए व्यापक रणनीति तैयार कर ली गई है।
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