बिलासपुर 14 अप्रैल (आरएनएस) आज 14 अप्रैल 2026 को एसईसीएल मुख्यालय एक अलग ही ऊर्जा और विचारों की रोशनी से जगमगाता नजर आया जहां भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती पूरे सम्मान, गरिमा और भव्यता के साथ मनाई गई, कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन और विशिष्ट अतिथियों निदेशक तकनीकी (संचालन) एन. फ्रेंकलिन जयकुमार, निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास, निदेशक (वित्त) डी. सुनील कुमार और निदेशक (योजना/परियोजना) रमेश चन्द्र महापात्र की मौजूदगी में हुई, सबसे पहले अतिथियों के करकमलों से बाबा साहेब के पुनर्निर्मित स्थल का लोकार्पण किया गया जिसने पूरे माहौल को गर्व और प्रेरणा से भर दिया, इसके बाद दीप प्रज्वलन हुआ, गौतम बुद्ध और बाबा साहेब के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया और फिर स्थापित प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर सभी ने उनके विचारों को नमन किया, कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष, श्रमसंघ प्रतिनिधि, एससी/एसटी एसोसिएशन, सिस्टा के पदाधिकारी, अधिकारी, कर्मचारी, महिलाएं और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए जिससे आयोजन जनभागीदारी का उदाहरण बन गया, अपने संबोधन में हरीश दुहन ने साफ कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं और हम सभी का दायित्व है कि उनके सिद्धांतों को जीवन में उतारें, उन्होंने बताया कि एसईसीएल लगातार महिला सशक्तिकरण, मेधावी छात्रों के लिए नीट परीक्षा की तैयारी, स्मार्ट क्लासेस और प्रोजेक्ट धरा शक्ति के जरिए समाज के वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने का काम कर रहा है, वहीं श्रमसंघ प्रतिनिधि कृष्णा सूर्यवंशी, सुदेश डागोर, एम.पी. जांगड़े, डी.पी. दिनकर, संजय साहू, अजय सिंह, राहुल दास और सूरज बघेल ने बाबा साहेब के संघर्ष और योगदान को याद करते हुए आयोजन के लिए प्रबंधन का आभार जताया, कार्यक्रम के दौरान दिशा खोब्रागड़े, निशा ठावरे और उनकी टीम ने बुद्ध वंदना प्रस्तुत कर माहौल को आध्यात्मिक रंग दिया जबकि मंच संचालन का जिम्मा प्रबंधक (राजभाषा) सविता निर्मलकर ने संभाला, यह आयोजन सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि विचारों की शक्ति और सामाजिक परिवर्तन के संकल्प का जीवंत प्रदर्शन बना—और संदेश साफ था कि बाबा साहेब के रास्ते पर चलकर ही समाज में सच्ची समानता और विकास संभव है।
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