भोपाल 14 अप्रैल (आरएनएस)।आरोग्य भारती एवं पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं संस्थान,भोपाल के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को सर्वकल्पम् 2026 शीर्षक से एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया। इस संगोष्ठी का विषय (आयुर्वेदिक त्वचा विज्ञान एवं उसकी दैवव्यपाश्रय चिकित्सा) रहा, जिसमें आयुर्वेद के इस विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण आयाम पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय भारतीय चिकित्सा पद्धति आयोग (हृष्टढ्ढस्रू) की अध्यक्षा डॉ. मनीषा कोठेकर, राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ (क्र्रङ्क) की अध्यक्षा डॉ. वंदना सिरोहा तथा आरोग्य भारती की राष्ट्रीय संगठन महामंत्री डॉ. अशोक कुमार वर्शनिया विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
संगोष्ठी में लगभग 800 से अधिक छात्र-छात्राओं, वैद्यगण, विभिन्न आयुर्वेद महाविद्यालयों के प्राचार्यों एवं विश्वविद्यालयों के कुलपतियों (ङ्कष्टह्य) ने सहभागिता कर कार्यक्रम को अत्यंत गरिमामय बनाया। अपने उद्बोधन में डॉ. मनीषा कोठेकर ने पं. खुशीलाल शर्मा आयुर्वेद महाविद्यालय की सराहना करते हुए इसे विश्वस्तरीय (ङ्खशह्म्द्यस्र ष्टद्यड्डह्यह्य) संस्थान के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने संस्थान के नेतृत्व में हो रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए डॉ. उमेश शुक्ला जी के प्रबंधन एवं मार्गदर्शन की प्रशंसा की तथा कहा कि यह संस्थान अपनी गुणवत्ता एवं कार्यप्रणाली के कारण पूरे देश में एक आदर्श (क्रशद्यद्ग रूशस्रद्गद्य) आयुर्वेदिक संस्थान के रूप में स्थापित होने की क्षमता रखता है।
संगोष्ठी के दौरान आयुर्वेदिक त्वचा रोगों के निदान, उपचार तथा दैवव्यपाश्रय चिकित्सा के सिद्धांतों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोगों पर विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत चर्चा की गई। कार्यक्रम में संस्थान के प्राध्यापकगण,चिकित्सक,शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा संगोष्ठी के सफल संचालन के लिए सभी प्रतिभागियों एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

