गरियाबंद, 23 जून (आरएनएस)। गरियाबंद जिले के तहसील मुख्यालय मैनपुर में एक ग्रामीण ने जनसुविधा के लिए ऐसा उदाहरण पेश किया है, जिसकी पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। वर्षों से पुल की मांग पूरी नहीं होने पर स्टापडेम मोहल्ले के निवासी और मुर्गा व्यवसायी लोचन चक्रधारी ने अपने निजी खर्च से लगभग 10 से 12 लाख रुपये लगाकर नदी पर पुल का निर्माण करा दिया।
20-25 वर्षों से झेल रहे थे परेशानी
मैनपुर नगर से गुजरने वाली फुलझर नदी के उस पार ग्राम पंचायत मैनपुरक3ला के वार्ड क्रमांक-1 में करीब 30 से 35 परिवार निवास करते हैं। बारिश के चार महीने इन ग्रामीणों को जर्जर और लगभग 20 फीट गहरे स्टापडेम को पार कर आवागमन करना पड़ता है।
सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं को होती थी। कई बार ग्रामीणों ने पुल निर्माण की मांग को लेकर जनपद पंचायत, एसडीएम और कलेक्टर कार्यालय तक ज्ञापन सौंपे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका।

बच्चों की सुरक्षा ने लिया बड़ा फैसला
ग्रामीण लोचन चक्रधारी ने बताया कि मोहल्ले के छोटे-छोटे बच्चों को जान जोखिम में डालकर स्कूल जाते देख उन्होंने स्वयं पुल निर्माण कराने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होंने अपनी जमा पूंजी खर्च की और कुछ राशि दुकानदारों से उधार लेकर निर्माण कार्य शुरू कराया।
उन्होंने बताया कि पुल का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और केवल एप्रोच मार्ग पर मुरमीकरण का कार्य शेष है। आने वाले बारिश के मौसम में इस पुल का लाभ पूरे मोहल्ले के लोगों को मिलेगा।
अधिकारियों से मांगी थी मदद, नहीं मिला सहयोग
लोचन चक्रधारी के पुत्र डोलेश चक्रधारी और मोहल्ले के लोगों का कहना है कि पुल निर्माण के दौरान तकनीकी सलाह और डिजाइन संबंधी मार्गदर्शन के लिए जनपद पंचायत के अधिकारियों से कई बार आग्रह किया गया, लेकिन कोई भी जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान दिया होता तो लोगों को वर्षों तक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता।
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