गोण्डा 15 अप्रैल। श्याम मंदिर परिसर में संचालित योग शिविर में सांस से संबंधित रोग से बचने के लिए योगाभ्यास करवाया गया ढ्ढ इसी क्रम में योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी ने बताया तनाव और अनियमित दिनचर्या के साथ-साथ शहरों में बढ़ रहे प्रदूषण के कारण हर दिन सांस की तकलीफ से परेशान मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सांस की एलर्जी जिसे अस्थमा या दमा भी कहते हैं। ऐसे में योग के जरिये बड़ी आसानी से सांसों की बीमारी को दूर किया जा सकता है। इन नियमित आसनों की मदद से दूर हो सकती हैढ्ढ
योगाचार्य सुधांशु द्विवेदी ने बताया भस्त्रिका प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन का संचार तीव्र गति से होता है और कार्बन डाईऑक्साइड का स्तर कम होता है। इससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है। इस योग को करने से गले से संबंधित सभी तकलीफें खत्म हो जाती हैं।
फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना योग प्राणायाम का नियमित अभ्यास जरूर करें। अनुलोम विलोम प्राणायाम, सेतु बंधासन,धनुरासन और ताड़ासन फेफड़ों के लिए बेहद फायदेमंद योगासन हैं। इन्हें करने से फेफड़ा स्वस्थ रहता है और सांस संबधित बीमारियों में भी लाभकारी हैढ्ढ
शिविर में विक्की गर्ग,सचिन अग्रवाल,राजेश अग्रवाल, मुकेश,दीपक, ऋषभ, अनमोल,अरिहंत, नीतू अग्रवाल,रचना अग्रवाल,रोशनी,मेघा,साधना,छवि,राशि, नीलम,बेनू ,अन्नू सहित अन्य मौजूद रहे ढ्ढ
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

