लखनऊ 15 अप्रैल (आरएनएस ),उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय ने आज प्रदेश कांग्रेस कार्यालय लखनऊ में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश सरकार पर विभिन्न मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। पत्रकार वार्ता में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. सी.पी. राय, प्रदेश प्रवक्ता शुचि विश्वास एवं सचिन रावत मौजूद रहे।पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी महिलाओं के सम्मान और आरक्षण को लेकर केवल दिखावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से महिलाओं को सम्मान और अवसर देने में अग्रणी रही है। कांग्रेस ने ही सरोजिनी नायडू को उत्तर प्रदेश का राज्यपाल बनाया, सुचेता कृपलानी को प्रदेश की प्रथम महिला मुख्यमंत्री बनने का अवसर दिया, इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री बनीं, प्रतिभा पाटिल को देश का राष्ट्रपति बनाया गया तथा मीरा कुमार को लोकसभा अध्यक्ष बनाया गया।उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक सबसे पहले कांग्रेस पार्टी ही लेकर आई थी और उसे राज्यसभा से पारित भी कराया गया था। यदि भारतीय जनता पार्टी की मंशा ईमानदार होती तो वह इस विधेयक को लोकसभा से पारित कराकर वर्ष 2014 से ही महिला आरक्षण लागू कर सकती थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।पत्रकार वार्ता को आगे संबोधित करते हुए अजय राय ने नोएडा में हुई घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि यह घटना दर्शाती है कि सरकार शासन चलाने में अयोग्य साबित हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में कई लोग घायल हुए और जिन लोगों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज किया गया, उन्हीं को गिरफ्तार कर लिया गया।उन्होंने रोजगार के मुद्दे पर भी सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय स्थायी नौकरियां दी जाती थीं, जबकि वर्तमान व्यवस्था में संविदा और बाहरी एजेंसियों के माध्यम से दैनिक वेतन पर नौकरियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों की नौकरी सुरक्षित नहीं रहती और उन्हें कम वेतन मिलता है। उन्होंने मांग की कि मजदूरों का न्यूनतम वेतन कम से कम 25 हजार रुपये निर्धारित किया जाए और कार्य अवधि आठ घंटे सुनिश्चित की जाए।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कक्षा 1 से 8 तक पढ़ाने वाले उन शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा अनिवार्य किए जाने की भी निंदा की, जो पिछले 25 से 30 वर्षों से शिक्षण कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2011 से लागू इस नियम के कारण प्रदेश के लगभग 1 लाख 75 हजार शिक्षकों की नौकरी खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे शिक्षकों के साथ खड़ी है और किसी भी शिक्षक की नौकरी समाप्त नहीं होने दी जाएगी। यदि ऐसा होता है तो कांग्रेस सरकार बनने पर उन्हें पुन: सेवा में बहाल किया जाएगा।
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