कोलकाता 17 अप्रैल (आरएनएस)। जहां एक ओर मौसम का मिजाज तल्ख है। गर्मी आंखे तरेर रही है तो वहीं इस माहौल में महानगर कोलकाता की सुबह की शुरुआत जैसे आयकर के छापों की खबर से हुई। आज कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस नेता कुमार साहा के आवास पर आयकर विभाग की छापेमारी से इलाके में तनाव फैल गया। केंद्रीय बलों को बाहर तैनात किया गया और पार्टी कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने ग्रीक चर्च के पास स्थित उनके घर की तलाशी शुरू की, लेकिन इस कार्रवाई के पीछे का सटीक कारण अभी तक सामने नहीं आया है। केंद्रीय सुरक्षाकर्मियों की मौजूदगी और अचानक हुई छापेमारी को देखने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक जमा हो गए, जिन्होंने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए। वहीं पेशे से व्यवसायी कुमार साहा दक्षिण कोलकाता में तृणमूल के एक प्रभावशाली नेता के रूप में जाने जाते हैं। छापेमारी की खबर फैलते ही पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय समर्थक उनके आवास के बाहर जमा हो गए और तलाशी के आधार को लेकर अस्पष्टता का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अधिकारियों द्वारा अपना अभियान जारी रखने से स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। यह घटनाक्रम तृणमूल नेता देवाशीष कुमार के रास बिहारी क्षेत्र स्थित आवास और चुनाव कार्यालय पर आयकर विभाग द्वारा की गई इसी तरह की तलाशी के तुरंत बाद मनोहरपुकुर रोड स्थित उनके घर और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित पार्टी कार्यालय सहित कई स्थानों पर तलाशी ली गई। लगभग उसी समय, एक अन्य टीम ने कालीघाट में भी कार्रवाई शुरू की, हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि दोनों छापे सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं या नहीं। सूत्रों के अनुसार, कुमार साहा के देवाशीष कुमार से घनिष्ठ संबंध हैं और दक्षिण कोलकाता, विशेष रूप से हाजरा और रास बिहारी जैसे क्षेत्रों में पार्टी के भीतर उनका काफी प्रभाव है। उनका राजनीतिक सफर लंबा रहा है, वे कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के बीच कई दलों में रहे और अंत में तृणमूल कांग्रेस में पुन: शामिल हो गए। बताया जाता है कि 2014 के बाद उनकी लोकप्रियता बढ़ी और वे पार्टी कार्यक्रमों के लिए भीड़ जुटाने और वरिष्ठ नेताओं से संपर्क बनाए रखने में अपनी भूमिका के लिए जाने जाते हैं।
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