गोण्डा 17 अप्रैल। बाल विवाह केवल एक परम्परा नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक अपराध है, जो बच्चों के बचपन, उनके सपनों और अधिकारों को छीन लेता है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों की शिक्षा अधूरी रह जाती है और उनका भविष्य प्रभावित होता है। ये बातें जिला प्रोबेशन अधिकारी संतोष कुमार सोनी ने कही।
उन्होंने बताया कि बाल विवाह कराने, उसमें सहयोग करने या उसे बढ़ावा देने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें जेल और जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर पर बाल विवाह की संभावनाएं रहती हैं।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने आमजन से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तत्काल नजदीकी थाना, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
श्री सोनी ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत इस तरह के मामलों में सख्त दण्ड का प्रावधान है और प्रशासन बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
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