कुशीनगर, 18 अप्रैल (आरएनएस)। जनपद मुख्यालय स्थित एआरटीओ कार्यालय में जिले के समस्त डीलरों, मोटर गैराज एवं वर्कशाप संचालकों की एक आवश्यक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में कहा गया कि मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न अथवा हूटर की बिक्री एवं स्थापना करने वाले मोटर गैराज, वर्कशॉप के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (3) के अंतर्गत विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत प्रति उल्लंघन 1,00,000 (एक लाख रुपये) तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। इस जुर्माने के शमन की शक्ति उप परिवहन आयुक्त एवं उच्च अधिकारियों में निहित है।
उप सम्भागीय परिवहन अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कहा गया कि वाहन स्वामी अपने मोटरयान में पार्ट्स की फिटिंग के माध्यम से अवैध परिवर्तन करते हैं। उनके विरुद्ध धारा 182ए (4) के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी। जिसमें छह माह तक का कारावास अथवा 5,000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है।साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर ऐसे वाहनों का संचालन, जिनसे सड़क सुरक्षा, ध्वनि नियंत्रण एवं वायु प्रदूषण मानकों का उल्लंघन होता है, के विरुद्ध धारा 190 (2) के अंतर्गत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके तहत प्रथम अपराध में तीन माह तक का कारावास अथवा 10,000 रुपए तक का जुर्माना या दोनों का प्रावधान है, तथा चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरर्हित किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त जिन वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर अथवा ध्वनि प्रदूषण उत्पन्न करने वाले उपकरण पाए जाते हैं और जिनका चालान किया जा चुका है। उनके विरुद्ध धारा 53 (1) के अंतर्गत पंजीयन प्रमाण-पत्र आरसी के निलंबन की कार्यवाही प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।
उन्होंने जनपद के समस्त वाहन स्वामियों से अपील किया कि वे अपने वाहनों में मोडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर आदि का प्रयोग न करें, अन्यथा उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में चण्डीगढ़ मोटर्स के प्रोपराइटर रफीक अंसारी, विश्वकर्मा ऑटो गैराज के प्रोपराइटर ध्रुव किशोर शर्मा, कैन्टेक ऑटो मोबाइल, रॉयल एनफील्ड पडरौना, सेवरही के शोरूम मैनेजर रितेश राय, मनीष ऑटो मोबाइल हाटा, कसया के शोरूम मैनेजर रजत यादव सहित अन्य वाहन स्वामी एवं संचालक उपस्थित रहे।
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