जौनपुर 24 अप्रैल (आरएनएस)। जब हृदय में करुणा, प्रेम और एकत्व की दिव्य चेतना जागृत होती है, तब मानव अपने सीमित स्वार्थों से ऊपर उठकर सम्पूर्ण सृष्टि के कल्याण का सशक्त माध्यम बन जाता है। परोपकार, करुणा और परमार्थ जैसे अलौकिक मूल्यों से प्रकाशमान यह पावन अवसर उस दिव्य अनुभूति का प्रतीक बना, जहाँ मानव को मानव हो प्यारा, एक-दूजे का बने सहारा का संदेश केवल शब्दों तक सीमित न रहकर हृदयों में जीवंत हुआ।’मानव एकता दिवसÓषुक्रवार को बाबा गुरबचन सिंह की स्मृति में, रक्तदान षिविर आयोजित किया गया। स्थानीय मीडिया सहायक उदय नारायण जायसवाल ने बताया किमानव एकता दिवस के अवसर पर मडियाहूं पडाव स्थित संत निरंकारी सत्संग भवन ब्रांच जौनपुर में रक्तदान शिविर का आयोजन हुआ। जिसमे जिला चिकित्सालय (सदर हॉस्पिटल) के अनुभवी चिकित्सक एवं उनकी टीम ने रक्तदाताओं की समुचित स्वास्थ्य जांच के उपरांत सुरक्षित, सुव्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से रक्तदान की प्रक्रिया सम्पन्न कराई। जिनसे 188 रक्त युनिट संकलित की गई । जनपद के कई ब्रांचो से श्रद्धालु भक्तों ने पूर्ण उत्साह और समर्पण के साथ स्वेच्छा भाव से रक्तदान करके मानव कल्याण में अपना सहयोग दिया। संपूर्ण आयोजन के दौरान स्वच्छता, सतर्कता एवं सेवा-भाव का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे यह पहल केवल जीवनदायिनी सेवा तक सीमित न रहकर मानवता, करुणा और उत्तरदायित्व के उच्चतम आदर्श का प्रतीक बनकर उभरी।युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी ने सत्य, सरलता और सद्भावना का मार्ग दिखाते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और ऊर्जा को समाजसेवा में लगाने की प्रेरणा दी। बाबा हरदेव सिंह जी ने रक्त नाडिय़ों में बहे, नालियों में नहीं का संदेश देकर सेवा को जीवन का अनिवार्य अंग बनाया, जिसे सतगुरु माता सुदीक्षा जी महाराज निरंतर आगे बढ़ा रही हैं। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय निरंकारी सेवा दल का भरपूर योगदान रहा। जिसमें संयोजक, क्षेत्रीय संचालक व संचालक, भी मौजूद रहे।
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