लखनऊ, 5 जुलाई (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि समाजवादी पार्टी ने हमेशा शिक्षा और शिक्षकों को सर्वोच्च सम्मान दिया है तथा वर्ष 2027 में प्रदेश में सपा की सरकार बनने पर शिक्षकों के हितों की रक्षा और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षकों की न्यायोचित मांगों को समाजवादी पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।रविवार को लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में विधान परिषद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पार्टी प्रत्याशियों के साथ आयोजित बैठक को संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक की व्यवस्था प्रभावित हुई है और युवाओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है। उनका आरोप था कि भाजपा सरकार के एजेंडे में शिक्षा, नौकरी और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दे शामिल नहीं हैं तथा शिक्षकों और युवाओं के साथ लगातार अन्याय किया गया है।अखिलेश यादव ने कहा कि शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी ताकत के साथ चुनाव प्रचार में जुटें, मतदाताओं के बीच जाएं और विशेष रूप से स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं की संख्या बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने शिक्षकों, नौजवानों, किसानों और व्यापारियों सहित सभी वर्गों के साथ धोखा किया है। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार अपने चरम पर हैं, जिससे हर वर्ग परेशान है।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा शिक्षकों के साथ खड़ी रही है और भविष्य में भी उनके अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी। बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न वर्गों के शिक्षकों के प्रतिनिधियों ने अपनी समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन अखिलेश यादव को सौंपा।ज्ञापन में 80 प्रतिशत वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को सम्मानजनक मानदेय देने तथा उन्हें कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई। इसके अलावा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने और उनकी सेवा सुरक्षा से संबंधित धारा-12, धारा-18 तथा धारा-21 को पुन: लागू करने की मांग भी रखी गई।शिक्षकों ने आधुनिक मदरसा शिक्षकों का वेतन बहाल करने और उनके बकाया वेतन का भुगतान कराने, संस्कृत विद्यालयों की लंबित समस्याओं के समाधान, पहले से कार्यरत प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों को टीईटी और सीटीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करने तथा शिक्षामित्रों के समायोजन की मांग भी उठाई।अखिलेश यादव ने प्रतिनिधियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की सभी न्यायोचित मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और उन्हें समाजवादी पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में स्थान दिया जाएगा।बैठक में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव, प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल तथा शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के पार्टी के सभी विधान परिषद प्रत्याशी उपस्थित रहे।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

