लखनऊ 5 जुलाई (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से रविवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय में ग्राम रोजगार सेवक (पंचायत मित्र) वेलफेयर एसोसिएशन, उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर ग्राम रोजगार सेवकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान अखिलेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल की बात विस्तार से सुनी और आश्वासन दिया कि ग्राम रोजगार सेवकों की न्यायोचित मांगों को समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में प्रमुखता से शामिल करेगी।
प्रतिनिधिमंडल ने अखिलेश यादव को बताया कि उत्तर प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में वर्ष 2006 से ग्राम रोजगार सेवक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि मनरेगा सहित ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के प्रभावी संचालन में ग्राम रोजगार सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गांवों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, श्रमिकों के पंजीकरण, कार्यों के समन्वय तथा अन्य प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें अब तक स्थायी सेवा का लाभ नहीं मिल सका है।प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि करीब दो दशक से निरंतर सेवाएं देने के बावजूद ग्राम रोजगार सेवकों के नियमितीकरण को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इससे प्रदेश के हजारों ग्राम रोजगार सेवक और उनके परिवार भविष्य की असुरक्षा तथा आर्थिक अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2006 से कार्यरत सभी ग्राम रोजगार सेवकों की सेवाओं को मान्यता देते हुए उनका नियमितीकरण किया जाए तथा उन्हें अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सेवा सुरक्षा, वेतनमान और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।प्रतिनिधिमंडल ने यह भी आग्रह किया कि समाजवादी पार्टी अपने आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में ग्राम रोजगार सेवकों के नियमितीकरण और सेवा संबंधी मांगों को प्रमुखता से शामिल करे, ताकि सत्ता में आने पर इन मांगों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा सके।अखिलेश यादव ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिलाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा मेहनतकश कर्मचारियों और श्रमिक वर्ग के अधिकारों की पक्षधर रही है। उन्होंने कहा कि ग्राम रोजगार सेवकों की समस्याएं वास्तविक हैं और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि ग्राम रोजगार सेवकों की न्यायोचित मांगों को समाजवादी पार्टी के आगामी विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा, ताकि उन्हें न्याय और सम्मान मिल सके।
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