नईदिल्ली,24 अपै्रल (आरएनएस)। दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की ओर से दिल्ली दंगा मामले में दायर उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने निचली अदालत को फैसले को चुनौती थी। पुलिस ने याचिका दायर कर फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगा मामले में आरोपी कांग्रेस नेता इशरत जहां की जमानत का विरोध किया था। दिल्ली पुलिस ने हाई कोर्ट में तर्क दिया कि निचली अदालत ने उसके समक्ष प्रस्तुत किए गए सबूतों और बयानों को नजरअंदाज किया था।
दिल्ली पुलिस की याचिका पर न्यायमूर्ति नवीन चावला और रविंदर दुदेजा की खंडपीठ ने सुनवाई की। पीठ ने कहा कि विशेष अदालत द्वारा इशरत जहां को जमानत दिए जाने के बाद से 4 साल से अधिक समय बीत चुका है और ऐसा कुछ भी नहीं है, जिससे यह पता चले कि उसने जमानत की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया है। कोर्ट ने पुलिस की सभी दलीलों को खारिज कर दिया और इशरत की जमानत को बरकरार रखा है।
इशरत को पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के बाद गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम समेत कई धाराओं में मार्च 2020 में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि इशरत चक्का जाम की सूत्रधार नहीं थीं और साजिश में भूमिका निभाने वाली किसी संगठन या व्हाट्सऐप ग्रुप का हिस्सा थीं। इसके बाद अदालत ने मार्च 2022 में उनको जमानत दे दी। हालांकि, उनपर हत्या के प्रयास और दंगा करने के आरोप तय हैं, जिसका मुकदमा जारी है।
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