देहरादून,24 अपै्रल (आरएनएस)। राज्य के मैदानी जिलों में झुलसाने वाली गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए अधिवक्ताओं के लिए न्यायालय परिसर में काले कोट से छूट देने की मांग की गई है।दून के अधिवक्ता शिवा वर्मा ने शुक्रवार को नैनीताल हाईकोर्ट के महानिबंधक को पत्र भेजा है। जिसमें जनरल रूल्स (सिविल) के तहत गर्मियों के दौरान काले कोट की अनिवार्यता में ढील देने का आग्रह किया गया है। पत्र में अधिवक्ता ने स्पष्ट किया है कि राज्य के मैदानी इलाकों में तापमान चरम पर है। ऐसे भीषण हालात में भारी-भरकम काला कोट पहनकर न्यायालयी कार्यों को निपटाना वकीलों के लिए कष्टसाध्य हो गया है। पत्र में कहा गया है कि इससे न केवल असुविधा हो रही है, बल्कि वकीलों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका है। पत्र में कहा कि जनरल रूल्स (सिविल) के अध्याय 27 के नियम 615 के तहत ग्रीष्म ऋतु में वकीलों के परिधान में शिथिलता का स्पष्ट प्रावधान मौजूद है। इसलिए कोट की जगह कुछ अन्य व्यवस्था करने की मांग की गई है।
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