देहरादून,24 अपै्रल (आरएनएस)। छावनी परिषद के निवासियों ने लंढौर छावनी परिषद का नाम बदल कर रामगीर रखने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने छावनी प्रशासन से ख्याति प्राप्त नाम को न बदला जाने की मांग की।शुक्रवार को पूर्व छावनी परिषद उपाध्यक्ष बादल प्रकाश के नेतृत्व में लोगों ने छावनी परिषद कार्यालय पहुंचकर मांग पत्र सौंपा।छावनी परिषद के निवासियों ने आपत्ति दर्ज कराई और कहा कि लंढौर नाम लोगों की जड़ों से जुड़ा है। अगर इसे बदला गया तो इसका समृद्ध इतिहास समाप्त हो जाएगा। पूर्व छावनी परिषद उपाध्यक्ष बादल प्रकाश ने कहा कि लंढौर नाम पिछले दो सौ सालों से देश ही नहीं विदेशों में भी जाना जाता है, इसका अपना इतिहास रहा है। छावनी परिषद लंढौर के इतिहास, इसकी संस्कृति को न छेड़ा जाए। यह नाम मसूरी के पर्यटन व्यवसाय के लिए भी जरूरी है। अगर इसका नाम बदला गया तो यहां की आर्थिकी पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। मसूरी के इतिहासकार रस्किन बॉड, अनमोल जैन, गणेश सैली, जय प्रकाश उत्तराखंडी ने अपनी पुस्तकों में इसका उल्लेख किया है व इसके इतिहास के बारे में विस्तार से लिखा है।
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