सोहावल-अयोध्या 26 अप्रैल (आरएनएस)। सोहावल के पराना निवासी दूबे परिवार के अधिवक्ता और समाजसेवी 59 वर्षीय शेष नाथ दूबे नहीं रहे। इनका निधन शनिवार की देर शाम निज निवास स्थान अयोध्या में हो गया। अचानक दिल का दौरा पडऩे से श्री राम अस्पताल में भर्ती कराये गये दूबे शाम करीब 7:00 अस्पताल में अंतिम सांस ली वहां से इनका शव परिजनों के साथ उनके पैतृक गांव परानापुर लाया गया। जहां सुबह से लेकर दोपहर तक शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। कांग्रेस पार्टी के पुराने नेताओं में गिने जाने वाले समाजसेवी का लंबा समय दिल्ली में बीता। पिछले एक दशक से अयोध्या में समाज सेवा और वकालत के पेशे से जुड़े रहे। अपने पिता राम चंद्र दूबे माता कलावती के नाम से केआरसी संस्था के प्रबंधकों में शामिल स्वर्गीय शेषनाथ दूबे के छोटे भाई लखनऊ में पत्रकार हैं। जिन्हें भ्रात शोक होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है और भेजे गए पत्र में दिवंगत आत्मा की शांति के लिए कामना की है। शोक संतृप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। एक बेटी और पत्नी सहित परिवार को पीछे छोड़कर गोलोक जाने वाले दूबे के सबसे छोटे भाई अखिलेश दूबे उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ताओं में शामिल हैं।अंतिम संस्कार सरयू तट ढेमवा शमशान घाट पर रविवार की दोपहर किया गया। यहां हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी। वरिष्ठ अधिवक्ता के निधन पर शोक प्रकट करने वालों में प्रमुख रूप से भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष कमला शंकर पांडे, सपा नेता राघवेंद्र सिंह अनूप, अधिवक्ता परिषद के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश वर्मा ,बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री कृष्ण कुमार पटेल, अधिवक्ता पवन तिवारी, अशोक कुमार तिवारी, उमेश दुबे ,वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश वैद ,वरिष्ठ अधिवक्ता मदन जयसवाल, उग्रसेन मिश्रा, बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री गिरीश चंद्र तिवारी, वरिष्ठ अधिवक्ता जगन्नाथ पांडे आदि रहे
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