इस्लामाबाद, 27 अपै्रल। पाकिस्तान के अशांत खैबर पख्तूनख्वा में लश्कर-ए-तैयबा का शीर्ष कमांडर और हाफिज सईद का करीबी मौलाना शेख यूसुफ अफरीदी की गोली मारकर हत्या कर दी गई है। अफरीदी इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के लिए लड़ाकों की भर्ती करता था। उसकी खैबर के लांडी कोटल इलाके में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या की और फरार हो गए। अभी तक हत्यारों की पहचान और कारणों का खुलासा नहीं हुआ है।
आतंकी अफरीदी खैबर इलाके के जखा खेल कबीले का निवासी थी। वह अहले हदीस (सलाफी) विचारधारा का अच्छा जानकार माना जाता था। जख़ा खेल जनजाति का एक रसूखदार सदस्य था। इसी कारण वह कई लोगों के निशाने पर था। वह लश्कर-ए-तैयबा के बड़े अभियानों को पूरा करने के लिए काम कर रहा था और आईएस खोरासान प्रांत के लिए नए लड़ाकों को भर्ती करता था। उसकी भारत में हुए हमलों में भी भूमिका रही है।
उसकी हत्या के पीछे आपसी रंजिश या आतंकी गुटों के बीच वर्चस्व को बताया जा रहा है। हालांकि, अफरीदी के मारे जाने से अफगानिस्तान की तालिबान को भी राहत मिली है। अफरीदी तालिबान के खिलाफ आईएसआईएस के लड़ाकों को भेजता था। उसकी हत्या आईएसआईएस के लिए झटका है। बता दें कि खैबर पख्तूनख्वा में पिछले कुछ सालों में शुरू हुए हमलों में यह बड़ा लक्ष्य बताया जा रहा है।
पाकिस्तान में पिछले कुछ सालों में बड़े आतंकी मारे गए हैं, जिसमें पठानकोट हमले का मास्टरमाइंड शाहिद लतीफ, खालिस्तान कमांडो फोर्स का प्रमुख परमजीत सिंह पंजवाड़, लश्कर-ए-तैयबा का कमांडर अबू कासिम, हाफिज सईद का करीबी लश्कर कमांडर हंजला अदनान, हिजबुल मुजाहिदीन का टॉप कमांडर बशीर अहमद पीर उर्फ इम्तियाज आलम, लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख भर्तीकर्ता अकरम गाजी, जैश सरगना मसूद अजहर का करीबी दाऊद मलिक, ख्वाजा शाहिद, अल-बद्र मुजाहिदीन का पूर्व कमांडर सैयद खालिद रजा, कैसर फारूक शामिल है।
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