० रिकॉर्ड में मौजूद सड़क ज़मीन से गायब, प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
दुर्ग, 28 अप्रैल (आरएनएस)। जिले के ग्राम पंचायत नगपुरा में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां लगभग 40 फीट चौड़ी सड़क कागज़ों और नक्शों में तो दर्ज है, लेकिन मौके पर उसका कोई अस्तित्व नहीं बचा है।
जानकारी के अनुसार, नागपुर निवासी बिमला बाई महोबिया के नाम खसरा नंबर 1608 के तहत करीब पौन एकड़ भूमि दर्ज है। इस भूमि तक पहुंचने का एकमात्र रास्ता यही सरकारी सड़क थी, जो अब पूरी तरह अतिक्रमण की चपेट में आ चुकी है।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि सड़क की जमीन पर लोगों ने मकान निर्माण कर लिया है, जिससे मार्ग पूरी तरह बंद हो गया है। इसके चलते संबंधित भूमि तक पहुंचना भी संभव नहीं रह गया है। चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि कुछ अतिक्रमणकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लाभ भी प्राप्त हुआ है, जिससे पूरे मामले में प्रशासनिक लापरवाही या संभावित मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। पीडि़त बिमला बाई महोबिया और उनका परिवार लगातार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि सरकारी रिकॉर्ड में सड़क स्पष्ट रूप से दर्ज है, तो उसे ज़मीन पर बहाल करने के लिए कब कार्रवाई की जाएगी, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले का संज्ञान लेकर अतिक्रमण हटाया जाए और प्रभावित पक्ष को न्याय दिलाया जाए।
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