-अदालत ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का दिया आदेश
अयोध्या 29 अप्रैल (आरएनएस)। भूमि सौदे के नाम पर ठगी और धोखाधड़ी के मामले में पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय की अदालत ने पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। जमीन के नाम पर हुए इस खेल में रकम वापस मांगने पर गाली गलौज और धमकी का आरोप है। शिकायत में पीडि़त मजदूर व घरेलू भोजन बनाने वाले मोनू पुत्र स्व देवी प्रसाद निवासी मोहम्मदपुर अमानीगंज थाना-खण्डासा का कहना है कि 11 मार्च को पूर्वान्ह खण्डासा थाना क्षेत्र के चिरौली निवासी अतुल पाण्डेय के घर पर विपक्षियों से मुलाकात हुई। अक्टूबर 2024 में अतुल पाण्डेय व उनकी पत्नी ने चिरौली में एक जमीन दिखाई थी,जिसके एवज में नकद और ऑनलाइन आदि के माध्यम से कुल लगभग छह लाख रुपए घर बनवाने व कुसुम के इलाज आदि के नाम पर दिया। 11 मार्च को बैनामा करने को कहा तो अतुल ने भूमि की रजिस्ट्री करने से इनकार कर दिया तथा अपना पैसा वापस मांगने पर उसको कमरे में बंद कर लात-घूसों से मारा पीटा और गाली गलौज की। धमकी दी कि भाग जाओं नही तो दुष्कर्म के झूठे मामले में फंसाकर जेल में सड़ा देंगे तथा हत्या करा देगें। आरोप है कि चिरौली निवासी अतुल पाण्डेय पुत्र अर्जुन पाण्डेय,कुसुम पाण्डेय पत्नी अर्जुन पाण्डेय,चट्टू पाण्डेय पुत्र अर्जुन पाण्डेय,दयाशंकर पाण्डेय पुत्र अर्जुन पाण्डेय तथा सतीश यादव पुत्र रामकुमार निवासी रामा बैकरी कौशलपुरी फेज-एक कोतवाली नगर,कुसुम की भाभी पत्नी धर्मेन्द्र पाण्डेय निवासी सरूरपुर,थाना कुमारगंज व राजू कनौजिया पुत्र मेवालाल निवासी तेन्धा थाना-कुमारगंज का एक संगठित गिरोह है। इन लोगों ने फर्जीवाड़ा कर नोटरी शपथ पत्र के माध्यम से सरकारी कागजात में हेराफेरी कर दूसरे के नाम का फर्जी प्लाट दिखा कर कम्प्यूटर से दुसरे के खतौनी में अपना नाम एडिट कर उसको धोखा दिया और छह लाख रुपए ठग लिए। पुलिस और अधिकारियों से शिकायत के बावजूद रिपोर्ट और कार्रवाई न होने पर अदालत का सहारा लेना पड़ा। मामले में अदालत ने धोखाधड़ी,गाली गलौच,झूठे रेप के मामले में फंसने व हत्या की धमकी आदि की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

