मिल्कीपुर, अयोध्या 29 अप्रैल (आरएनएस)। तहसील क्षेत्र के एक इंटर कॉलेज की छात्रा ने विद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाई है। छात्रा का आरोप है कि उसे प्रैक्टिकल परीक्षा में जानबूझकर कम अंक देकर अनुत्तीर्ण कर दिया गया, जबकि वह लिखित परीक्षा में सभी विषयों में सफल रही थी। बताया गया कि आजाद इंटर कॉलेज पलिया जगमोहन सिंह की कक्षा 10 की छात्रा नंदिनी मिश्रा पुत्री हरिराम मिश्रा ने अपने प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया है कि वह सत्र 2026 की नियमित छात्रा रही है। उसने बोर्ड परीक्षा की लिखित परीक्षा में सभी विषयों में सफलता प्राप्त की, लेकिन विद्यालय द्वारा आयोजित प्रैक्टिकल परीक्षा में प्रत्येक विषय में अत्यंत कम अंक (लगभग 2 से 4) प्रदान किए गए, जबकि सामान्यत: 30 अंक तक दिए जाते हैं। छात्रा ने अपने आवेदन में यह भी आरोप लगाया है कि विद्यालय के प्रधानाचार्य, जो इंटर कॉलेज के प्रबंधक भी हैं, का उसके प्रति पहले से ही नकारात्मक रवैया था। छात्रा के अनुसार जब उसने अपने अभिभावकों के साथ शिकायत की, तो प्रधानाचार्य ने कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और यहां तक कहा कि तुम्हें किसी विद्यालय में पढऩे लायक नहीं छोड़ेंगे और कक्षा 10 पास नहीं होने देंगे। छात्रा का दावा है कि इस बातचीत की रिकॉर्डिंग भी उसके पास उपलब्ध है।
प्रार्थना पत्र में छात्रा ने यह भी उल्लेख किया है कि परीक्षा परिणाम घोषित होने पर उसे पता चला कि वह प्रैक्टिकल में कम अंक मिलने के कारण अनुत्तीर्ण हो गई है। विरोध करने पर उसे मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताडि़त किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। साथ ही टीसी में चरित्र प्रमाण पत्र खराब करने की धमकी देने की बात भी कही गई है। छात्रा का कहना है कि इस पूरे घटनाक्रम के चलते उसका एक वर्ष खराब हो गया है। उसने मुख्यमंत्री से निवेदन करते हुए निष्पक्ष जांच कराकर उसे न्याय दिलाने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस प्रकरण की प्रतिलिपि सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद प्रयागराज, जिलाधिकारी अयोध्या एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या को भी प्रेषित की गई है। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है और अभिभावकों में भी रोष देखा जा रहा है। अब सबकी निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं कि छात्रा को न्याय कब और कैसे मिलता है।
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