-सीडीओ ने समीक्षा बैठक कर अधिकारी-कर्मचारियों को स्वगणना के दिए निर्देश
चित्रकूट 29 अप्रैल (आरएनएस)। भारत की जनगणना के अन्तर्गत डीएम के निर्देश के कम में स्वगणना कराये जाने के संबंध में मुख्य विकास अधिकारी डीपी पाल की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक की गई। जिला जनगणना अधिकारी एडीएम चन्द्रशेखर ने बताया कि स्वगणना अन्तर्गत सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी अपनी गणना स्वयं कर सकेगें। स्वगणना से साइबर फाड से बचा जा सकता है तथा इससे डाटा का संकलन तीव्र गति से होता है। यह एक पूर्णतया डिजीटल प्रकिया है। स्वगणना पोर्टल 7 से 21 मई तक 24 घण्टे खुला रहेगा। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी अधिकारियों, कर्मचारियों से स्वगणना अपनाये जाने के संबंध में निर्देश दिये गये।
मुख्य विकास अधिकारी द्वारा जिला पंचायतराज अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि पंचायतों में खुली बैठक कर ग्राम प्रधानों, सचिवों एवं सफाई कर्मचारियों को स्वगणना अपनाने के निर्देश जारी करें। इसी प्रकार जिला कार्यकम अधिकारी, आंगनवाडिय़ों, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खण्ड शिक्षाधिकारियों के माध्यम से समस्त शिक्षकों तथा एलडीएम अपने बैंक कार्मिकों को स्वगणना किये जाने के लिए निर्देशित करें। इसी प्रकार प्रधानाचार्य, पालीटेक्निक, आईटीआई अपने शिक्षकों एवं छात्रों को तथा जिला विद्यालय निरीक्षक अपने अधीनस्थ इण्टर कालेजों, महाविद्यालयों के प्रवक्ताओं एवं छात्रों को स्वगणना किये जाने के लिए प्रेरित करे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बैठक में उपस्थित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि अगली समीक्षा में इस तथ्य पर चर्चा की जायेगी कि किस विभाग में कितने अधिकारियों, कर्मचारियों द्वारा स्वगणना की गयी।
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शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही पर सीडीओ ने जताई नाराजगी
-संबंधित अधिकारियों को सख्त लहजे में रैकिंग सुधार के दिए निर्देश
चित्रकूट। कलेक्ट्रेट सभागर में सीडीओ डीपी पाल की अध्यक्षता में आईजीआरएस के संबंध में समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने विभागीय कार्य प्रणाली पर नाराजगी जताई। निस्तारण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में जनपद की गिरती रैंकिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी गई।
मुख्य विकास अधिकारी ने जल निगम, समाज कल्याण विभाग और कृषि विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण में बरती जा रही लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभागीय उदासीनता के कारण जनपद की ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित हो रही है। जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति न हो। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करें और संबंधित प्रार्थी के साथ फोटो संलग्न करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं संतोषजनक फीडबैक सुनिश्चित करें। बैठक में अधिकारियों को पुन: स्मरण कराया गया कि आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में सम्मिलित हैं। इन शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन के मुख्य एजेंडे में है।
मुख्य विकास अधिकारी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही न बरतें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में पुनरावृत्ति पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बैठक में एडीएम विरा, एडीएम नमामि गंगे, जिला विकास अधिकारी, एसडीएम कर्वी, मानिकपुर, राजापुर, मऊ, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, तहसीलदार, राजापुर एवं मानिकपुर, प्रधानाचार्य, आईटीआई, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण विभाग, अमित कुमार पटेल जनपद प्रतिनिधि जनगणना कार्य निदेशालय आदि मौजूद रहे।
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