चित्रकूट 29 अप्रैल (आरएनएस)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव इला चैधरी ने बताया कि जनपद के तहसील विधिक सेवा प्राधिकरणो में आम जनता को विधि की सामान्य जानकारी, विधिक अधिकारों एवं दायित्वों के अनुपालन में सहायता एवं मामलों के शांतिपूर्ण निस्तारण में सहायता के लिए पराविधिक स्वयं सेवकों को सम्बद्ध किया जाना है। इस योजना के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को ऐसे स्वयंसेवकों की तलाश है जो समाज में जरूरतमंदों एवं कमजोर व दलित तबको के उत्थान के लिए लगन, निष्ठा, करूणा, तदनुभूति एवं गम्भीरता से कार्य करें। अभ्यर्थी जब सफलतापूर्वक चयन प्रक्रिया पूरी कर लेंगे तो अभ्यर्थी को प्रशिक्षण के बाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की संतुष्टि पर परीक्षा इण्टरव्यू पास कर लेने के उपरान्त ही उन्हें पराविधिक स्वयं सेवक के रूप पैनलित करते हुए पहचान पत्र जारी किया जायेगा। पराविधिक स्वयं सेवकों को कोई वेतन, परिश्रमिक अथवा पगार देय नहीं है. बल्कि उन्हें सिर्फ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानदेय ही नियमानुसार देय होगा जब उनसे कोई विशेष कार्य लिया जायेगा। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप पर सभी संलग्नकों सहित अपना आवेदन पत्र जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में 11 मई तक जमा कर सकते है। पैरा लीगल वालेंटियर्स के संबंध में विस्तृत जानकारी राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के बेबसाइट पर देखी जा सकती है।
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