भोपाल 29 अप्रैल (आरएनएस)। अपनी लंबित मांगों और सरकार की वादाखिलाफी से नाराज प्रदेश भर के हजारों अतिथि शिक्षकों ने बुधवार को भोपाल के आंबेडकर मैदान में प्रदर्शन किया। वर्तमान शैक्षणिक सत्र का अनुबंध खत्म होने से एक दिन पहले ‘स्कूल अतिथि शिक्षक संयुक्त मोर्चाÓ के नेतृत्व में आयोजित हुए विरोध-प्रदर्शन में नारेबाजी करते हुए अतिथि शिक्षकों ने सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। आन्दोलन के दौरान शिक्षकों ने एक स्वर में अपनी लंबित मांगों को पूरा करने की मांग उठाई और चेतावनी दी कि शीघ्र समाधान न होने पर आन्दोलन को और उग्र किया जाएगा।
शिक्षकों का कहना है कि सरकार ने पूर्व में जो वादे किए थे, वे आज तक कागजों से बाहर नहीं निकले हैं, जिससे हजारों अतिथियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि अतिथि शिक्षक 18 वर्षों से बेहद कम मानदेय पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें वह सम्मान और सुरक्षा नहीं मिली जिसके वे हकदार हैं। सरकार ने चुनावी समय में कई लुभावने वादे किए थे, जिन्हें अब तक ठंडे बस्ते में डाला हुआ हैं। इसी ‘वादाखिलाफीÓ के विरोध में आज पूरे प्रदेश से शिक्षक अपनी आवाज बुलंद करने भोपाल पहुंचे हैं। अतिथि शिक्षकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश अध्यक्ष केसी पंवार ने बताया कि अतिथि शिक्षकों को 62 वर्ष की आयु तक पद पर बने रहने की अनुमति और 12 महीने का वार्षिक अनुबंध उनकी प्रमुख मांग हैं।
प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि विधानसभा चुनाव से पहले सरकार द्वारा अतिथि शिक्षकों के लिए गुरुजियों की तरह नीति लागू करने, सीधी भर्ती में बोनस अंक देने और वार्षिक अनुबंध के माध्यम से भविष्य सुरक्षित करने का वादा किया गया था। लेकिन आज तक इन वादों पर अमल नहीं किया गया है। जिससे अतिथि शिक्षकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने यह भी कहां कि केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के वादें भी धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं। वरिष्ठ पदाधिकारी रामचंद्र नागर एवं प्रदेश अध्यक्ष केसी पवार ने बताया कि सरकार वार्षिक अनुबंध के वादे से पीछे हट रही है, जिसके कारण 30 अप्रैल के बाद लगभग सवा लाख अतिथि शिक्षक बेरोजगार होने की स्थिति में हैं। उन्होंने मांग की कि सीधी भर्ती, प्रमोशन एवं स्थानांतरण से प्रभावित अनुभवी अतिथि शिक्षकों को रिक्त पदों पर प्राथमिकता से समायोजित किया जाए। प्रदेश सचिव रविकांत गुप्ता ने ई-अटेंडेन्स प्रणाली में व्याप्त तकनीकी समस्याओं को तत्काल सुधारने की मांग की। उन्होंने बताया कि कई बार तकनीकी कारणों से ई-अटेंडन्स दर्ज नहीं हो पाती, जिसके कारण शिक्षको का मानदेय काट लिया जाता है। कई मामलों में सितंबर माह का मानदेय भी इसी कारण से लंबित है।
अतिथि शिक्षक बीएम खान ने भर्ती प्रक्रिया में व्याप्त विसंगतियों को लेकर कहां कि वर्ष 2008 से कार्यरत अतिथि शिक्षकों को उनके अनुभव का लाभ नहीं मिल रहा है। स्कोर कार्ड में केवल 5 वर्षों का अनुभव जोडा जा रहा है। जबकि इसे बढ़ाकर प्रतिवर्ष 10 अंक (अधिकतम 100 अंक) किया जाना चाहिए। साथ ही 2008 एवं 2011 की पात्रता परीक्षा के अंक भी जोडे जाना चाहिए।

