कुशीनगर, 30 अप्रैल (आरएनएस)। जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर की अध्यक्षता में जनपद में डीजल, पेट्रोल एवं घरेलू गैस की आपूर्ति, वितरण, विक्रय उपलब्धता बनाये रखने के सम्बन्ध मे तेल कम्पनी के स्थानीय विक्रय अधिकारियों एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित संयुक्त बैठक में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी को तेल कम्पनियों के विक्रय अधिकारी द्वारा अवगत कराया गया कि डीजल, पेट्रोल के मूल्य में वृद्धि की फिलहाल कोई सम्भावना कम्पनी स्तर पर नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक पेट्रोल पम्प पर डीजल न्यूनतम 3000 लीटर एवं पेट्रोल 2000 लीटर अवशेष होने पर इसकी सूचना तत्काल पम्प स्वामी द्वारा कंट्रोल रूम को दी जायेगी। तेल कम्पनी के स्थानीय विक्रय अधिकारी अपने-अपने कम्पनियों के पम्पों की प्रत्येक दिन समीक्षा कर डीजल, पेट्रोल की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता बनाये रखना सुनिश्चित करेंगे। जिन पम्पों पर आर्थिक कारणों से डीजल की आपूर्ति प्राप्त नहीं हो रही है। ऐसे पम्पों को चिन्हित कर प्रचलित नियंत्रण आदेशों के तहत कार्यवाही की जाय। जिला कंट्रोल रूम में एक कर्मचारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा नामित किया जायेगा। जो वास्तविक उपयोग के अनुरूप आवश्यकता का आंकलन करेंगे और कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज कर प्रत्येक दिन सम्बन्धित अधिकारी को अग्रेतर कार्यवाही हेतु उपलब्ध करायेंगे। कंट्रोल रूम में पुलिस विभाग के अधिकारी पेट्रोल पम्प, गैस एजेन्सी पर हो रही भीड़ को नियन्त्रित करने हेतु आउटलेटों से सूचना प्राप्त होने पर सम्बन्धित थाने के माध्यम से तत्काल समाधान करायेंगे। घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग किसी भी दशा में व्यापारिक प्रतिष्ठानों में न की जाय। घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति होम डिलेवरी के माध्यम से करायी जा रही है। जनपद के नागरिकों से अपील है कि वे धैर्य बनाये रखें, उन्हें घर पर होम डिलेवरी के माध्यम से गैस प्राप्त होगा। शादी-विवाह, मुण्डन आदि कार्यक्रमों में वास्तविक आवश्यकता का आंकलन करके ही कामर्शियल सिलेंडर दिए जाए। जिन नागरिकों द्वारा कामर्शियल सिलेंडर प्राप्त किया गया है, वे कार्यक्रम पश्चात् तत्काल कामर्शियल सिलेंडर गैस एजेंसी को वापस कर दें, ताकि उसका उपयोग फिलिंग पश्चात् अन्य नागरिकों द्वारा किया जा सके। बैठक में बताया गया कि कतिपय उपभोक्ता शादी-विवाह आदि में प्रयोगार्थ प्राप्त किये कामर्शियल सिलेंडर में उपयोग पश्चात् अवशेष बचे गैस को घरेलू सिलेंडर में स्वयं गैस का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
एलपीजी एक खतरनाक एवं ज्वलनशील पदार्थ है। इस कार्य में अत्यधिक जोखिम है तथा जान-माल की क्षति की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है। इस प्रकार का कृत्य एलपीजी कंट्रोल ऑर्डर 2000 का स्पष्ट उल्लंघन है तथा दण्डनीय अपराध है। इस प्रकार के कृत्य से बचें। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनपद में ईंधन एवं गैस की उपलब्धता हर स्थिति में सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की अफवाहों पर तत्काल नियंत्रण रखा जाए।
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