लखनऊ 30 अप्रैल (आरएनएस )उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष सत्र में कांग्रेस ने महिला आरक्षण अधिनियम-2023 को अब तक लागू न किए जाने पर भाजपा और केंद्र सरकार की नीयत पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि कानून पास होने के बावजूद उसे लागू न करना महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है और इस पर शर्तें लगाना पूरी तरह गलत है।नेता विधानमंडल दल कांग्रेस आराधना मिश्रा मोना ने सदन में कहा कि देश की आधी आबादी अपने अधिकार के लिए सरकार की ओर देख रही है, लेकिन इस मुद्दे पर भी राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह न पक्ष-विपक्ष का मुद्दा है और न ही राजनीति का, बल्कि महिलाओं के हक और अधिकार का विषय है।उन्होंने कहा कि 2023 में महिला आरक्षण विधेयक संसद से पारित हुआ, जिसे कांग्रेस ने पूरा समर्थन दिया और राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल चुकी है, इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किया गया। अब सरकार यह कह रही है कि लोकसभा सीटों के परिसीमन के बाद इसे लागू किया जाएगा, जबकि इसका महिला आरक्षण से कोई संबंध नहीं है।आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को अधिकार देने की वकालत की है। उन्होंने कांग्रेस के इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार देने, पंचायतों में आरक्षण लागू करने और विभिन्न कानून बनाने में कांग्रेस की अहम भूमिका रही है।उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि भाजपा वास्तव में महिलाओं को आगे बढ़ाना चाहती है तो अपने संगठन और सरकार में महिलाओं को पर्याप्त स्थान दे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में महिलाओं की भागीदारी बहुत कम है।उन्होंने यह भी कहा कि अगर महिला आरक्षण कानून लागू हो जाता तो लोकसभा में महिलाओं की संख्या काफी बढ़ जाती, लेकिन अभी यह संख्या बहुत कम है।अंत में उन्होंने मांग की कि 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिना किसी शर्त के तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए और राज्य सरकार इस संबंध में प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजे, ताकि आगामी चुनावों में महिलाओं को उचित भागीदारी मिल सके।
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