लखनऊ/कुशीनगर 1 मई (आरएनएस )। बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर कुशीनगर में आयोजित 2570वें बुद्ध पूर्णिमा समारोह में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मुख्य अतिथि के रूप में सहभागिता करते हुए भगवान गौतम बुद्ध के शांति, करुणा और अहिंसा के संदेश को आज के वैश्विक परिदृश्य में अत्यंत प्रासंगिक बताया। उन्होंने कहा कि जब दुनिया युद्ध और अशांति के दौर से गुजर रही है, तब बुद्ध के मार्ग पर चलकर ही स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत ने हमेशा विश्व को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध का संदेश दिया है। नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज वैश्विक मंच पर बुद्ध की शिक्षाओं को नए विस्तार के साथ स्थापित कर रहा है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित भंतेगणों, बौद्ध अनुयायियों और जनप्रतिनिधियों का अभिनंदन करते हुए बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।उन्होंने कहा कि कुशीनगर, श्रावस्ती, सारनाथ, संकिसा और कौशांबी जैसे बौद्ध स्थलों का डबल इंजन सरकार में अभूतपूर्व विकास हुआ है। एयर, रोड और रेल कनेक्टिविटी को मजबूत कर इन स्थलों को अंतरराष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाई गई है। कुशीनगर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को और अधिक सक्रिय बनाने के लिए भी सरकार गंभीर प्रयास कर रही है, ताकि विश्वभर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।अपने संबोधन में केशव मौर्य ने रूस प्रवास का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष लेकर रूस के काल्मिकिया गणराज्य भेजा था, जहां श्रद्धा और सम्मान के साथ उनका स्वागत हुआ। यह भारत की आध्यात्मिक शक्ति और बुद्ध के प्रति वैश्विक आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि लगभग 40 बौद्ध देशों के साथ भारत के संबंधों को मजबूत करने में बुद्ध की शिक्षाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है।उन्होंने सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य और सम्राट अशोक महान की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि सम्राट अशोक ने बुद्ध के संदेश को विश्वभर में फैलाया और आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने भीमराव अंबेडकर के योगदान को भी याद करते हुए कहा कि बाबा साहब ने बुद्ध के विचारों को सामाजिक न्याय और समरसता से जोड़ा।कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक भी उपस्थित रहे। दोनों उप मुख्यमंत्रियों ने कुशीनगर स्थित महापरिनिर्वाण मंदिर में भगवान बुद्ध के दर्शन कर विश्व शांति और मानव कल्याण की कामना की। बृजेश पाठक ने बुद्ध के करुणा और अहिंसा के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।इस अवसर पर सहजानंद राय, दुर्गेश राय सहित कई जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और बौद्ध भिक्षु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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