प्रयागराज जंक्शन पर भविष्य में 12 प्लेटफार्म
प्रयागराज 1 मई (आरएनएस)। प्रयागराज जंक्शन पर दो नए प्लेटफार्म को लेकर छह साल से चल रही संकल्पना आखिरकार अब साकार होने जा रही है। प्लेटफार्म सात-आठ व नौ-10 के बीच में नए प्लेटफार्म बनाने के लिए यार्ड रिमाडलिंग का कार्य पूरा हो गया है। गुरुवार को पैनल में टेस्टिंग का कार्य सुबह शुरू हुआ जो अंतत: सफल रहा। सारे प्वाइंट एक-एक कर जांचे गए और सब कुछ ठीक होने पर संचालन की अनुमति दे दी गई।
दो पुरानी रेल लाइनों 14 व 15 को हमेशा के लिए खत्म कर दिया गया है। अब लाइनों की संख्या 27 से घटकर 25 रह गई है। इसके अलावा लाइन नंबर नौ, 10, 11, 12, 13 16 और 17 की लंबाई बढ़ा दी गई है। 500 से अधिक लोगों ने एक साथ काम करते हुए यह कार्य पूरा किया। इस कार्य का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि स्टेशन पुनर्विकास की परियोजना में अधर में लटके कांकोर्स अब बन सकेंगे।
प्लेटफार्म पर 26 कोच वाली ट्रेन भी खड़ी हो सकेगी
पुरानी लाइन नंबर 14-15 पर ही अब नया प्लेटफार्म बनेगा। यह प्लेटफार्म नौ-10 और सात-आठ के बीच होगा। कांकोर्स के लिए जिन पिलरों को बनाने की आवश्यकता थी अब उन्हें इसी प्लेटफार्म पर बनाया जाएगा। वर्तमान में अधिकतम लंबी ट्रेन 22 कोच की ही होती है। हालांकि अब इस कार्य के पूरा होने से प्लेटफार्म पर 26 कोच तक वाली ट्रेन को भी पर आसानी से लगाया जा सकेगा।
ट्रेनों का रूट डायवर्जन खत्म
वंदे भारत समेत जिन ट्रेनों को प्रयागराज रूट से डायवर्ट किया गया था अथवा छिवकी, प्रयाग या सूबेदारगंज से चलाया जा रहा था, उन्हें पुन: जंक्शन से चलाया जा रहा है। प्रयागराज मंडल के पीआरओ अमित कुमार सिंह ने बताया कि यह प्रयागराज रेलवे के लिए ऐतिहासिक दिन है। समय से पहले ही कार्य पूरा हुआ। ब्लाक के बाद शाम 5.39 पर कालका मेला प्लेटफार्म नंबर चार पर और वंदे भारत एक्सप्रेस शाम 5.42 पर प्लेटफार्म सात पर पहुंची और इसी के साथ ट्रेनों का संचालन निर्बाध शुरू हो गया। जीएम नरेश पाल सिंह, डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने कार्य पूरा होने पर सभी को बधाई दी।
अब दो नए प्लेटफार्म बन जाने से प्रयागराज जंक्शन पर प्लेटफार्म की संख्या भविष्य में 12 हो जाएगी। मौजूदा नौ व 10 नंबर प्लेटफार्म 11-12 बन जाएगा। हालांकि भविष्य में योजना है कि प्लेटफार्मों का नंबर बदलने के दौरान प्लेटफार्म नंबर छह को 12 के रूप में स्थापित किया जाए, ताकि यात्रियों को प्लेटफार्म ढूंढने में होने वाली परेशानी खत्म हो सके।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

