कोंडागांव,02 मई (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ शासन की अपर मुख्य सचिव एवं सचिव, वन विभाग ऋचा शर्मा ने शनिवार को वन मंडल केशकाल अंतर्गत विभिन्न तेंदूपत्ता फड़ों एवं समितियों का सघन निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान उन्होंने प्राथमिक लघु वनोपज सहकारी समिति चिंगनार के अंतर्गत फड़ गोहड़ा, समिति बड़ेडोंगर के फड़ बड़ेडोंगर ‘अÓ एवं ‘बÓ, फरसगांव समिति के फड़ फरसगांव तथा प्राथमिक लघु वनोपज समिति बहीगांव के अंतर्गत फड़ मस्सूकोकोड़ा का भ्रमण किया। इस दौरान तेंदूपत्ता की गुणवत्ता, गड्डियों की संख्या तथा संग्रहण कार्य की प्रगति का सूक्ष्म अवलोकन किया गया।ऋचा शर्मा ने मौके पर उपस्थित फड़ मुंशी, फड़ अभिरक्षक, प्रबंधक एवं पोषक अधिकारियों से चर्चा कर कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के निर्देश भी दिए।निरीक्षण के दौरान संजीता गुप्ता (अपर प्रबंध संचालक, राज्य लघु वनोपज संघ, रायपुर), लक्ष्मण सिंह (संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी, कैम्पा रायपुर), राजेश कुमार चंदेले (मुख्य वन संरक्षक, कांकेर वन वृत्त), दिव्या गौतम (वनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक, जिला यूनियन केशकाल), एन. के. सिन्हा (उप वनमंडलाधिकारी फरसगांव एवं उप प्रबंध संचालक), सुषमा जे. नेताम (उप वनमंडलाधिकारी केशकाल) तथा आर. एस. यादव (वन परिक्षेत्र अधिकारी) सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।जिला वनोपज सहकारी संघ मर्यादित केशकाल अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य 28,500 मानक बोरा के विरुद्ध अब तक 8,657.545 मानक बोरा तेंदूपत्ता की खरीदी की जा चुकी है। संग्रहण कार्य निरंतर जारी है तथा सॉफ्टवेयर के माध्यम से भुगतान की प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है।निरीक्षण के उपरांत अधिकारियों ने केशकाल परिक्षेत्र के गोब्राहीन स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक महत्व के पुरातात्विक शिवलिंग का दर्शन किया तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण पर बल दिया।इस निरीक्षण के माध्यम से तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के साथ-साथ शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
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