मेरठ 5 मई (आरएनएस)। उत्तर प्रदेश में उन्नत स्वस्थ गोवंश को बढ़ावा देने हेतु, प्रदेश की अर्थव्यवस्था को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनोमी बनाने हेतु, दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा संचालित नन्द बाबा दुग्ध मिशन, उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध प्रोत्साहन नीति-2022 के प्रचार-प्रसार तथा प्रदेश के डेयरी सेक्टर में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश में मण्डलवार ष्ठड्डद्बह्म्4 ष्टशठ्ठष्द्यड्ड1द्ग – स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम (स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य खुशहाल उत्तर प्रदेश) कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है।
इस श्रृंखला में आज चौ0 चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ में ‘ष्ठड्डद्बह्म्4 ष्टशठ्ठष्द्यड्ड1द्ग-स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागम कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव, पशुधन, मत्स्य एवं दुग्ध विकास, श्री मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त श्रीमती धनलक्ष्मी के0, आयुक्त मेरठ मंडल मेरठ भानु चंद्र गोस्वामी, जिलाधिकारी डॉक्टर वी.के. सिंह एवं मेरठ तथा सहारनपुर मण्डल के वरिष्ठ अधिकारीगण सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री मुकेश कुमार मेश्राम, अपर प्रमुख सचिव द्वारा अपने संबोधन में वर्तमान परिदृश्य में स्वदेशी नस्ल के गौपालन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास के सम्बन्ध में प्रस्तुतिकरण एवं दुग्ध विकास विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं के बहुआयामी लाभों पर प्रकाश डालते हुए इन योजनाओं से पशुपालकों / गौपालकों के जीवन स्तर में आने वाले बदलावों पर विस्तृत चर्चा की गयी।
श्रीमती धनलक्ष्मी के0, दुग्ध आयुक्त द्वारा अवगत कराया गया कि प्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है तथा इस स्थिति को बनाये रखने हेतु राज्य सरकार द्वारा अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं के माध्यम से किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय प्रदान की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त हुआ है।
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