मिल्कीपुर -अयोध्या 6 मई (आरएनएस) आचार्य नरेन्द्र देव कृषि विश्वविद्यालय कुमारगंज में पशु चिकित्सकों की संवेदनशीलता और तत्परता का एक सराहनीय उदाहरण सामने आया है, जहां एक गंभीर रूप से घायल लंगूर का सफल उपचार कर उसे नया जीवन दिया गया। जानकारी के अनुसार, हलियापुर के कुछ लोग एक लंगूर बंदर को घायल अवस्था में विश्वविद्यालय के वेटरनरी अस्पताल में छोड़कर चले गए। लंगूर की हालत बेहद गंभीर थी और वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ था।
वेटरनरी विभाग के डॉ. सोनू जायसवाल ने जब लंगूर की स्थिति देखी, तो उन्होंने तुरंत डॉ. अनिल को उसके इलाज के निर्देश दिए। जांच के दौरान पता चला कि लंगूर के बाएं पैर की फीमर (जांघ की हड्डी) टूट चुकी है, जिसके कारण वह चल नहीं पा रहा था। डॉ. अनिल ने अपनी टीम, स्टाफ और छात्रों के साथ मिलकर बिना देर किए उपचार शुरू किया। उन्होंने सर्जरी के माध्यम से लंगूर के पैर में प्लेट लगाई, जिससे उसकी टूटी हड्डी को सहारा मिल सके। ऑपरेशन सफल रहा और अब लंगूर की स्थिति में लगातार सुधार देखा जा रहा है।
डॉक्टरों के अनुसार, लंगूर पर कुत्तों के झुंड ने हमला किया था, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इलाज के बाद अब वह धीरे-धीरे चलने लगा है और सामान्य रूप से खाना-पीना भी शुरू कर दिया है। डॉ. अनिल ने बताया कि लंगूर के पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी लगभग 20 दिन का समय लगेगा। फिलहाल वह डॉक्टरों की निगरानी में है और उसकी स्थिति संतोषजनक बनी हुई है।
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