युवती-अधिवक्ता की एआई से बनी फोटो इंस्टाग्राम पर की थी वायरल
प्रयागराज 10 मई (आरएनएस)। फाफामऊ में पानी की टंकी पर चढऩे वाली युवती के पति, देवर समेत अन्य पर दर्ज एफआईआर के मामले में सुमित गुप्ता नाम के युवक को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि वादी अधिवक्ता और युवती की एआई जनरेटेड तस्वीर वायरल करने में यह भी शामिल था। इसने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से फोटो वायरल किया।
22 साल का यह आरोपी बैरहना का रहने वाला है ओर उसके पिता का नाम विनोद कुमार गुप्ता है। उसके कब्जे से एक आईफोन बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल फोटो अपलोड करने में किया गया। आरोप है कि दो मई को उसने और अन्य अभियुक्तों ने पीडि़त अधिवक्ता और युवती की एआई जनरेटेड फोटो सोशल मीडिया अकाउंट्स पर वायरल की।
ज्ञात हो कि राजापुर निवासी भुक्तभोगी अधिवक्ता ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि मैं कुछ समय पहले तक युवती का मुकदमा देख रहा था जो उसके पति मो. आलम से विवाद होने के कारण उत्पन्न हुआ। आरोप है कि कई बार मो. आलम व उसके भाई नूर आलम की तरफ से मुकदमा छोडऩे के लिए धमकाया गया और ब्लैकमेल किया गया कि 10 लाख रंगदारी नहीं दोगे तो एआई से फोटो बनवाकर तुम्हें बदनाम कर दूंगा।
बात न मानने पर युवती के साथ एआई से फोटो बनवाई और 02 मई को इन्स्टाग्राम आईडी और तीन मई को फेसबुक आईडी आयुष श्रीवास्तव पर गैर-कानूनी ढंग से वायरल करा दिया। एक अन्य फेसबुक आईडी पर भी यही किया, जो वीडियो में स्वयं इसकी जिम्मेदारी लेते नजर आ रहे हैं।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया कि सुमित गुप्ता नामक ब्लॉगर अपराधी गिरोह से मिलीभगत करके धन उगाही करता है। उधर जब उन्होंने नूर आलम तथा मो0 आलम से सम्पर्क किया और ऐसा न करने के लिये कहा तो उन्होंने दुबारा धमकी दिया कि अगर रंगदारी की रकम नहीं दोगे तो इससे भी बुरी फोटो तथा वीडियो एआई से बनाकर तुम्हें तबाह कर देंगे। किसी लड़की से तुम्हारे ऊपर फर्जी रेप का मुकदमा लिखवा देंगे।
इस मामले में एसीपी सिविल लाइंस विद्युत गोयल ने बताया कि विवेचना के दौरान जो तथ्य सामने आए, उसके आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य के संबंध में विवेचना जारी है।
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