– शव वाहन आने से पहले परिजन बच्ची का शव लेकर चले गए, वायरल वीडियो पर जिला अस्पताल प्रशासन की सफाई
सीतापुर 10 मई (आरएनएस)। जिला चिकित्सालय सीतापुर से चार वर्षीय बच्ची का शव गोद में लेकर जाते परिजनों का वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले में अपनी सफाई दी है। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बच्ची को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी और परिजनों को शव वाहन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही थी। पत्र के अनुसार, 9 मई को करीब 12:15 बजे कृष्णापुर थाना संदना निवासी दुर्गेश अपनी चार वर्षीय पुत्री लक्ष्मी को जिला अस्पताल की इमरजेंसी ओपीडी लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद डॉक्टरों ने बच्ची को “ब्रॉट डेड” घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि बच्ची को अस्पताल लाने में काफी देर हो चुकी थी। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने बताया कि परिजनों को शव को शवगृह में रखने की सलाह दी गई थी, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद शव वाहन चालक से संपर्क किया गया, जिसने वाहन आने में 30 से 45 मिनट लगने की बात कही। अस्पताल कर्मियों द्वारा परिजनों को शव वाहन आने तक रुकने के लिए भी कहा गया, लेकिन परिजन बिना सूचना दिए बच्ची का शव लेकर चले गए। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक घटना की सूचना कोतवाली शहर पुलिस को भी दे दी गई थी। वायरल वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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