लखनऊ, 12 मई (आरएनएस ) । राजधानी में ई-रिक्शा और टैंपो में सफर करने वाले यात्रियों के बैग से गहने और कीमती सामान चोरी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का मडिय़ांव पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह के दो पुरुष और तीन महिलाओं समेत कुल पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लाखों रुपये मूल्य के जेवरात और नकदी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपितों का संबंध हरियाणा और राजस्थान से बताया जा रहा है, जो लखनऊ में अस्थायी रूप से रहकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।पुलिस के अनुसार, 11 मई 2026 को थाना मडिय़ांव पुलिस टीम भिठौली तिराहे पर गश्त और चेकिंग में मौजूद थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि थाना क्षेत्र में ई-रिक्शा और टैंपो में सवार यात्रियों के साथ चोरी की घटनाओं में शामिल कुछ संदिग्ध पुरुष और महिलाएं नौबस्ता मोड़ से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाली सड़क के पास बैग के साथ मौजूद हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर पांचों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने अपनी पहचान जय प्रकाश उर्फ जैकी, मनोज कुमार उर्फ जत्थु, रजनी, रामवती और अनीता के रूप में बताई। इनमें दो आरोपित हरियाणा के पलवल जिले के निवासी हैं, जबकि एक महिला राजस्थान के धौलपुर जनपद की रहने वाली है। सभी वर्तमान में मल्हौर रेलवे स्टेशन के पास चिनहट क्षेत्र में अस्थायी रूप से रह रहे थे।तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से एक गले का हार, दो चैन, दो मंगलसूत्र, माथे का टीका, एक अंगूठी, एक जोड़ी कान के टप्स समेत पीली धातु के कई आभूषण और 29,400 रुपये नकद बरामद किए। पूछताछ और सत्यापन में सामने आया कि बरामद सामान मडिय़ांव और गोमतीनगर थाना क्षेत्रों में दर्ज चोरी के कई मुकदमों से संबंधित है।पुलिस जांच में पता चला कि गिरोह ई-रिक्शा, टैंपो और अन्य सार्वजनिक सवारी वाहनों में बैठी महिलाओं और यात्रियों को निशाना बनाता था। आरोपी भीड़भाड़ और सफर के दौरान मौका देखकर बैग से गहने और कीमती सामान पार कर लेते थे। चोरी के सामान को बाद में राह चलते लोगों को बेचकर अपना खर्च चलाते थे।मडिय़ांव पुलिस के मुताबिक, गिरोह से जुड़े कुल सात मुकदमों का खुलासा हुआ है, जिनमें थाना मडिय़ांव के छह और थाना गोमतीनगर का एक मुकदमा शामिल है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार महिला आरोपित रजनी और रामवती के खिलाफ पूर्व में भी मडिय़ांव थाने में चोरी के कई मामले दर्ज हैं, जिससे इनके संगठित रूप से अपराध में शामिल होने की पुष्टि होती है।पुलिस ने सभी आरोपितों को विधिक कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही इनके आपराधिक इतिहास और अन्य जिलों में सक्रियता के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस का कहना है कि राजधानी में सार्वजनिक परिवहन में चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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