डीएम,कमिश्नर और पुलिस आयुक्त ने छोड़ा अपना एस्कॉर्ट, मेयर और अखाड़ा परिषद भी आई साथ
मेयर और पार्षदों का ऐलान, चार पहिया की जगह दो पहिया वाहनों का करेंगे उपयोग*
प्रयागराज 14 मई (आरएनएस)। पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा संकट को देखते हुए पूरा देश सरकार के साथ खड़ा हो गया है।
वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय दायित्व भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पेट्रोल और डीजल की खपत को न्यूनतम रखने संबंधी आह्वान का उल्लेख करते हुए यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनता , प्रशासन और राजनैतिक प्रतिनिधियों से इसके लिए साथ आने की अपील की है।
राष्ट्र हित की अपील पर प्रयागराज में प्रशासनिक , राजनीतिक अमले से लेकर धार्मिक सामाजिक संगठन भी साथ खड़े हैं।
पीएम मोदी की अपील और प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवाहन के बाद प्रयागराज के डीएम मनीष कुमार वर्मा, मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने एस्कॉर्ट छोड़ दी है। ये प्रशासनिक अधिकारी अपने वाहन से चल रहे हैं। उनके पीछे एस्कॉर्ट करने वाली गाड़ी नजर नहीं आ रही हैं। अधिकारियों कहना है कि आपात परिस्थितियों में जहां बहुत जरूरी होगा, वहां एस्कॉर्ट का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पीएम और सीएम के इस आवाहन पर प्रयागराज नगर निगम भी साथ आ गया है । नगर निगम प्रयागराज में गुरुवार को इस आवाहन पर डीजल, पेट्रोल, सीएनजी आदि की बचत के संबंध में महापौर की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक बुलाई गई। मेयर उमेश चन्द गणेश केसरवानी का कहना है कि सदन में फैसला लिया गया है कि सभी पार्षद चार पहिया वाहनों की जगह में अब दो पहिया वाहनों से अपने क्षेत्र में जायेंगे। उप मेयर अखिलेश सिंह का कहना है सभी जन प्रतिनिधियों का यह सामूहिक मत है कि वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए हम भी देश के साथ खड़े हों।
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धार्मिक और सामाजिक संगठन भी साथ आए
प्रयागराज। समाज और राष्ट्र पर जब जब विपरीत समय या संकट आया है देश के धार्मिक और सामाजिक संगठन भी राष्ट्र के साथ खड़े हुए हैं । देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवाहन पर सनातन धर्मावलंबियों के सबसे बड़े संगठन अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद ने संतों के आवागमन में वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्री महंत रवीन्द्र पुरी का कहना है कि उन्होंने संतों से लंबी दूरी की यात्रा ट्रेनों से करने की अपील की है। इसके अलावा संकट काल तक संतों से यह भी अपील की गई है कि संत लंबा काफि़ला लेकर न चलें। परिषद के पदाधिकारियों ने अपने भक्तों से भी अपील की है कि वे सोना न खरीदें और पेट्रोल की बचत करें।
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