आगरा में आयोजित ‘स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागमÓ में 1000 से अधिक कृषक, गोपालक और निवेशक हुए शामिल
लखनऊ, ( आरएनएस )14 मई। उत्तर प्रदेश में उन्नत एवं स्वस्थ गोवंश को बढ़ावा देने, डेयरी क्षेत्र में पूंजी निवेश आकर्षित करने और प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को गति देने के उद्देश्य से दुग्धशाला विकास विभाग द्वारा मंडलवार ‘डेयरी कॉन्क्लेव स्वर्णिम दुग्धामृत संवाद समागमÓ का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को आगरा के राव कृष्ण पाल सिंह ऑडिटोरियम, आरपीएल कॉलेज में “स्वदेशी उन्नत गोवंश, समृद्ध निवेश, सुरक्षित भविष्य, खुशहाल उत्तर प्रदेश” विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई।कार्यक्रम में पशुधन, दुग्ध विकास एवं राजनैतिक पेंशन मंत्री धर्मपाल सिंह, अपर मुख्य सचिव पशुधन, दुग्ध विकास एवं मत्स्य मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. तथा आगरा एवं अलीगढ़ मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यशाला में आगरा और अलीगढ़ मंडल के लगभग एक हजार से अधिक कृषकों, गोपालकों, दुग्ध उत्पादकों, उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लिया। साथ ही वेबकास्टिंग और यूट्यूब के माध्यम से प्रदेश के अन्य जनपदों के पशुपालकों और उद्यमियों को भी जोड़ा गया।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बीते वर्षों में उत्तर प्रदेश में डेयरी विकास के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र में निवेश की अपार संभावनाओं को देखते हुए दुग्ध विकास विभाग को अधिक सक्रिय भूमिका निभानी होगी। निवेश से न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने अपने संबोधन में स्वदेशी नस्ल के गोपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है और इससे ग्रामीण जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहे हैं।दुग्ध आयुक्त धनलक्ष्मी के. ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है और इस स्थिति को बनाए रखने के लिए राज्य सरकार किसानों को सुनिश्चित बाजार, पारदर्शी मूल्य निर्धारण और स्थायी आय उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि गुणवत्तापूर्ण दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नन्द बाबा दुग्ध मिशन तथा उत्तर प्रदेश दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पाद प्रोत्साहन नीति-2022 लागू की गई है।उन्होंने जानकारी दी कि नन्द बाबा दुग्ध मिशन के तहत आगरा और अलीगढ़ मंडल के 762 लाभार्थियों को लगभग पांच करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है, जबकि दुग्ध नीति-2022 के अंतर्गत इन्हीं मंडलों में उद्यमियों और निवेशकों को करीब आठ करोड़ रुपये का अनुदान दिया गया है।कार्यक्रम में नन्द बाबा दुग्ध मिशन के लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियां साझा कीं। वहीं सहज, रवि लाला, अल्फा डेयरी और भोले बाबा जैसे बड़े डेयरी ब्रांडों के प्रतिनिधियों ने आधुनिक डेयरी प्रबंधन और निवेश की संभावनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया। मथुरा की गौशाला से जुड़े विशेषज्ञों ने बायोगैस और डेयरी नवाचारों पर अपने अनुभव साझा किए।इस दौरान पराग, सहज, रवि लाला, अल्फा डेयरी, कुमार मिल्क प्रोटीन और विजय ट्रेडिंग कंपनी समेत कई बड़े डेयरी ब्रांडों ने स्टॉल लगाकर अपने उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया।कार्यक्रम के सफल आयोजन में दुग्धशाला विकास विभाग के अधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अंत में मुख्य दुग्धशाला विकास अधिकारी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया।
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