लखनऊ( आरएनएस ), 14 मई 2026। वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजऱ ईंधन बचत, पर्यावरण संरक्षण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के अनुपालन में अपने सरकारी आवास से ई-रिक्शा के माध्यम से उद्यान निदेशालय पहुंचकर जनसंदेश दिया कि सार्वजनिक परिवहन अपनाना समय की आवश्यकता हैगौतमपल्ली स्थित सरकारी आवास से उद्यान निदेशालय तक ई-रिक्शा से पहुंचे मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि यदि आमजन सप्ताह में कुछ दिन भी सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें तो ईंधन की खपत, वायु प्रदूषण और ट्रैफिक दबाव में उल्लेखनीय कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वैश्विक हालात को देखते हुए ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण को लेकर की गई अपील को जन-जन तक पहुंचाना जरूरी है।इस अवसर पर उद्यान विभाग में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने मुख्यालय, मंडल और जनपद स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। उन्होंने विभागीय स्तर पर ईंधन और ऊर्जा व्यय में कमी लाने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार को “नो व्हीकल डे” मनाने तथा कार्यालय आने-जाने में सार्वजनिक वाहनों के प्रयोग को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए गए।मंत्री ने यह भी कहा कि अनावश्यक यात्राओं से बचते हुए अधिकतम बैठकें ऑनलाइन माध्यम से आयोजित की जाएं। साथ ही समान मार्ग से आने-जाने वाले अधिकारी और कर्मचारी आपसी समन्वय बनाकर एक ही वाहन का उपयोग करें, जिससे ईंधन की बचत सुनिश्चित की जा सके।ऊर्जा संरक्षण को लेकर भी उद्यान मंत्री ने स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में एयर कंडीशनर का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस से कम न रखा जाए और कार्य समाप्ति के बाद सभी विद्युत उपकरण अनिवार्य रूप से बंद किए जाएं। इसके अलावा सरकारी भवनों और प्रक्षेत्रों में सोलर पैनल लगाने, सिंचाई के लिए सोलर पंप को बढ़ावा देने तथा अनावश्यक स्ट्रीट लाइटों के उपयोग को रोकने के निर्देश भी दिए।उद्यान मंत्री ने रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने के लिए राजकीय पौधशालाओं और प्रक्षेत्रों में जैविक खाद के उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही खाद्य तेल की खपत कम करने और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील करते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों से कहा कि वे स्वयं इन उपायों को अपनाएं और आमजन को भी इसके लिए प्रेरित करें।उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने “स्वदेशी अपनाओ” अभियान को जनांदोलन का स्वरूप देने का आह्वान करते हुए विभागीय पार्कों और उद्यानों में जनजागरूकता सामग्री के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।बैठक में अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा, वित्त नियंत्रक अनिल कुमार सिंह, संयुक्त निदेशक सर्वेश कुमार और राजीव वर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि प्रदेश भर के अधिकारी वर्चुअल माध्यम से जुड़े।
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