विरोध प्रदर्शन रोकने गई पुलिस ने भांजी लाठी, कई पुलिसकर्मी घायल
कोलकाता 17 मई (आरएनएस)। इलाके में बुलडोजर कार्रवाई की अफवाह व सड़क पर नमाज पढऩे की मांग पर आज दोपहर अल्पसंख्यकों के एक वर्ग का गुस्सा पार्क सर्कस के सेवन-पॉइंट क्रॉसिंग पर फूटा। विरोध प्रदर्शन पर उतारु लोगों को जब पुलिस ने रास्ता खाली करने को कहा तो भीड़ भड़क गई और फिर पुलिस को हालात काबू करने के लिए लाठी का सहारा लेना पड़ा। ऐसे में हालात तनातनी के रहें और पुलिस बल ने कई गलियों में प्रवेश कर अभियान को अंजाम दिया।
प्राथमिक व इलाके के लोगों से मिली जानकारी में पता चला है कि, उक्त आंदोलन पिछले 48 घंटों में विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों पर व्यापक रूप से प्रसारित एक गुमनाम पोस्टर से भड़काया गया जो किसी खास साजिश का हिस्सा हो तो संदेह की बात नही होगी।
डिजिटल पर्चे में नागरिकों से पार्क सर्कस में इक_ा होकर अपने आवास अधिकारों की रक्षा करने का आह्वान किया गया था, हालांकि इसमें किसी भी औपचारिक सामाजिक-राजनीतिक संगठन, पंजीकृत गैर सरकारी संगठन या प्रमुख स्थानीय नेता का नाम नहीं था। जैसे ही अव्यवस्थित भीड़ उग्र हुई और शहर में वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो गई, पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने और मुख्य सड़कों को खाली कराने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस अशांत घटनाक्रम पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, नखोदा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद शफीआ ने एक कड़ा बयान जारी कर अचानक हुए इस आंदोलन के पीछे के औचित्य पर सवाल उठाया। वरिष्ठ धर्मगुरु ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि सैकड़ों आम नागरिक मात्र एक निराधार ऑनलाइन अपील के आधार पर सड़कों पर उतर आए, जिसमें किसी वैध नेतृत्व या संगठनात्मक समर्थन का अभाव था। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से दृढ़तापूर्वक अपील की कि वे हमेशा देश के कानून का सम्मान करें, अज्ञात उकसावों के शिकार न हों और सार्वजनिक शांति भंग करने वाली गैरकानूनी सभाओं से दूर रहें।
मामले पर एडीसीपी आशीष विश्वास का बयान आया है। उन्होंने कहा कि इलाके में एक अवैध जमात इक_ा हुई थी, जिसे हटाने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने पथराव कर हमला कर दिया। इस हिंसक झड़प में तीन पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस अपनी मानक संचालन प्रक्रिया के तहत मामले की गहराई से जांच कर रही है। खुफिया इनपुट के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे स्थानीय लोगों के अलावा बाहर से आए कौन से उपद्रवी शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, महिलाओं पर हुए लाठीचार्ज के सवाल पर उन्होंने दो-टूक जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि कानून का जेंडर ‘न्यूट्रलÓ होता है, इसलिए जो भी कानून अपने हाथ में लेगा, उसके खिलाफ निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
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